नवाबगंज के साकीपुर में बाढ़ के पानी से घिरे घर। - संवाद
विश्नोहरपुर। कुछ दिनों पहले तक जिन ग्रामीणों को लग रहा था कि बाढ़ का खतरा टल गया है, शनिवार को बढ़ते पानी ने उनकी चिंता फिर बढ़ा दी। नवाबगंज के माझा इलाके में नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है।
दत्तनगर बाड़ी माझा में ग्रामीणों को उफनाई सरयू का पानी दोबारा घर तक पहुंचने का डर सताने लगा है। साकीपुर चहलवा में पानी बढ़ने के साथ कटान शुरू हो गई है, जबकि व्योन्दा माझा में पानी गांवों की ओर फैल रहा है। लगातार बारिश के बीच सबसे बड़ी परेशानी पशुओं के चारे की बनी हुई है। तीन दिन से हरा चारा नहीं मिलने से ग्रामीण परेशान हैं।
दत्तनगर बाड़ी माझा निवासी फूलचंद यादव ने बताया कि नदी का पानी लगातार घटने के बाद हालात सामान्य हो गए थे। लगा था कि अब बाढ़ नहीं आएगी लेकिन शनिवार को अचानक जलस्तर बढ़ने लगा। व्योन्दा माझा निवासी गंगाराम यादव ने बताया कि बारिश और पानी भरने से पशुओं के लिए हरा चारा मिलना मुश्किल हो गया है। जिन खेतों से चारा आता था, वहां पानी भर गया है। ऐसे में पशुओं को खिलाने के लिए चारे की व्यवस्था करना मुश्किल हो रहा है। तुलसीपुर माझा निवासी रामदेव ने बताया कि खेतों और आसपास के रास्तों में पानी भरने से चारा लाने के लिए निकलना भी संभव नहीं है।
नदी में छोड़ा गया 2.49 लाख क्यूसेक पानी
करनैलगंज। सरयू का जलस्तर शनिवार सुबह एल्गिन ब्रिज पर 105.400 मीटर पहुंच गया। खतरे का निशान 106.070 मीटर है। नदी में कुल डिस्चार्ज बढ़कर 2,49,481 क्यूसेक पहुंच गया है। बाढ़ कार्य खंड के सहायक अभियंता पंकज आर्य ने बताया कि बारिश से तटबंध पर रेनकट हुए हैं। जलस्तर बढ़ रहा है। बचाव कार्य प्रभावित जरूर हैं लेकिन तटबंध पर फिलहाल किसी प्रकार का खतरा नहीं है। (संवाद)