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बाढ़ राहत के कामों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

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फोटो-16-बलरामपुर के चरनगहिया गांव के निकट राप्ती नदी के तटबंध का निरीक्षण कर नदी की पूजा करते जलशक् - फोटो : BALRAMPUR
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गोंडा। प्रदेश के जलशक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर मंगलवार को देवीपाटन मंडल के बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर व गोंडा के बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद मंत्री नेे सर्किट हाउस, गोंडा में आयुक्त, डीआईजी, डीएम व अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर गोंडा में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में की गई तैयारियों, व्यवस्थाओं व कराए जा रहे कार्य आदि के संबंध में विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान सरयू परियोजना का काम दिसंबर तक पूरा कराने के निर्देश दिए।
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बैठक में मंत्री जी ने कहा कि निरीक्षण के दौरान बाढ़ से संबंधित कोई भी समस्या दृष्टिगत नहीं हुई है। इस वर्ष मानसून पहले आ गया है इसके साथ ही लॉकडाउन के बावजूद गोंडा में तीन-चार महीने में पूरे होने वाले कार्यों को एक से डेढ़ माह में त्वरित गति से पूरा करसेफ जोन में लाया गया है। पूरे कार्य की वीडियोग्राफी कराते हुए पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य को संपन्न कराई जा रही है। बैठक में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि तटबंध के ऊपर अतिसंवेदनशील स्थानों पर कैंप लगाए जाएं और जेनरेटर, इमरजेंसी लाइट, हाइलोजन व टॉर्च आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
बैठक में बताया गया कि इस वर्ष जिले में 800 मिली बारिश हो चुकी है तथा गत वर्ष के 2 लाख 70 हजार क्यूसेेक वाटर डिस्चार्ज के सापेक्ष इस साल अब तक 3 लाख 22 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ है। सभी बंधे अभी तक सुरक्षित हैं। टीकाकरण, खाद्यान्न, दवाओं आदि की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। इस वर्ष नदी में ड्रेजिंग कार्य करा कर नदी की धारा परिवर्तन का कार्य कराया गया है। मंत्री ने बैठक में इस बात पर विशेष ध्यान देने को कहा कि किसी भी दशा में जनहानि न होने पावे।
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उन्होंने सरयू परियोजना का कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि आगामी दिसंबर तक परियोजना को पूरा किया जाए। बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि सरयू नहर परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण कार्य को शीघ्र ही पूर्ण कराकर परियोजना का कार्य पूर्ण करा लिया जाएगा। मंत्री ने आयुुक्त देवीपाटन मंडल को निर्देश दिए कि बाढ़ से संबंधित मंडल के जनपदों की रोजाना की रिपोर्ट उन्हें उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में प्रमुख सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन टी वेंकटेश ने कहा कि बाढ़ के दृष्टिगत कट्रोल रूम की स्थापना की जाय और कंट्रोल रूम में रजिस्टर मेनटेन किया जाय। उन्होंने कहा कि देवीपाटन मंडल बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील है, इसलिए वर्षा के समय विशेष सर्तकता व सक्रियता रखी जाय। आयुक्त महेंद्र कुमार ने बैठक में मंत्री को मंडल के सभी जनपदों में स्थापित बाढ़ चौकियों तथा अन्य तैयारियों एवं व्यवस्थाओं से अवगत कराया। उन्होंने यह भी बताया कि मंडल के किसी भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के किसी भी गांव में बाढ़ का पानी नहीं घुसा है। बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं तथा राजस्वकर्मी चौकियों के माध्यम से लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
बैठक में जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल ने बाढ़ से संबोधित की गई सभी तैयारियों के बारे में विस्तार से अवगत कराते हुए कहा कि बाढ़ से बचाव के लिए अन्तर्विभागीय समन्वय बैठक नियमित रूप से हो रही है। जनपद के तरबगंज व करनैलगंज के सम्भावित बाढ़ क्षेत्रों में नाव, चारा आदि की व्यवस्था कर ली गई है। उन्होंने बताया कि यदि उच्चतम स्तर पर बाढ़ का पानी पहुंचता है तो बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की लगभग ढाई लाख आबादी के 48 हजार परिवार प्रभावित हदगें, परन्तु वर्तमान में जिले में बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। उन्होंने कहा कि बाढ़ या आपदा की स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की टीमें सतर्क हैं। डीआईजी डॉ. राकेश सिंह, एसपी आरके नैयर, विधायक मेहनौन विनय द्विवेेदी, जिलाध्यक्ष सूर्य नारायण तिवारी सहित सिंचाई विभाग के अधिकारी व अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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