गोंड। दीन दयाल अंत्योदय राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जिले में गरीबों को रोजगार देने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलेगा। प्रदेश सरकार ने नए वित्तीय वर्ष में 5300 महिला समूहों के गठन और वित्तीय सहायता देने की योजना शुरू की है। महिला समूहों को करीब 27 करोड़ का बजट मिलेगा। इसके संचालन के लिए विकास भवन सभागार में जिला मिशन प्रबंधक, ब्लॉक मिशन प्रबंधकों व सहायक विकास अधिकारियों (आईएसबी) की एक दिवसीय कार्यशाला की गई। कार्यशाला का शुभारंभ डीएम मार्कण्डेय शाही व मुख्य विकास अधिकारी शशांक त्रिपाठी ने किया।
ग्राम्य विकास विभाग द्वारा आयोजित कार्यशाला में डीएम मार्कण्डेय शाही ने कहा कि दीन दयाल अंत्योदय राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य कौशल विकास और अन्य उपायों के माध्यम से आजीविका के अवसरों में वृद्धि कर शहरी और ग्रामीण गरीबी को कम करना है। गांवों में ही रोजगार के अवसरों को विकसित कर लोगों के जीवन में परिवर्तन लाना है। नए वित्तीय साल में 3300 महिला समूहों को चार करोड़ 95 लाख रुपये का बजट मिलेगा। वहीं 2000 समूहों को 22 करोड़ रुपये का बजट मिल सकेगा। इससे समूह स्वरोजगार के कार्य करेंगे।
इसके अलावा जिलाधिकारी ने बताया कि दीनदयाल अंत्योदय राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन में सिंचाई, लघु सिंचाई, कृषि, मनरेगा तथा अन्य कई विभागों का कन्वर्जेंस किया जा सकता है। बताया कि कौशल विकास मिशन तथा आरसेटी के माध्यम से क्रेडिट की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने नवचयनित 40 ब्लॉक मिशन प्रबंधकों से कहा कि वे मिशन के उद्देश्यों के बारे में कार्यशाला में ठीक प्रकार से जानकारी हासिल करें। इस मौके पर सीडीओ शशांक त्रिपाठी, पीडी सेवाराम चाौधरी, डीडीओ रजत यादव, डीसी एनआरएलएम दिनकर विद्यार्थी, डीसी मनरेगा हरिश्चन्द्र प्रजापति आदि मौजूद रहे।