गोंडा। जिले में पांच हजार कारोबारियों को जीएसटी के दायरे में लाने की तैयारी है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों को टीम बनाकर जीएसटी के दायरे में आने वाले व्यापारियों की खोज कर उनका पंजीयन कराने का निर्देश दिया है। विभाग ने टीम बनाकर कारोबारियों की जांच करने व उन्हें जागरूक करने का खाका तैयार किया है।
जीएसटी के तहत वस्तु व सेवा क्षेत्र में कारोबार करने वाले व्यापारियों को चिन्हित किया जाएगा। विभाग की ओर से ऐसे कारोबारियों के कारोबार के कुल टर्नओवर की जांच की जाएगी। यदि सेवा क्षेत्र के कारोबारी का टर्नओवर 20 लाख से अधिक व वस्तुओं का कारोबार करने वाले कारोबारी का टर्नओवर 40 लाख से अधिक है तो उन कारोबारियों का विभाग जीएसटी के तहत पंजीकृत करेगा। इसके लिए विभाग अधिकारियों की टीम बनाएगी। टीम जांच कर तीन प्रपत्रों को भर कर नया डाटा तैयार करेगी। इस अभियान के लिए टीमें काम करेंगी जिसमें व्यापारियों का भी सहयोग लिया जाएगा।
पंजीयन हेतु आवश्यक प्रपत्र
* पैन कार्ड * मोबाइल नंबर * ई-मेल एड्रेेस * आधार कार्ड * डिजिटल सिग्नेचर, पहचान प्रमाण प्रपत्र * आवास एवं व्यापार स्थल का पता * बैंक खाते का प्रमाण प्रपत्र ।
शासन की ओर से नये सिरे से जीएसटी के दायरे में आने वाले कारोबारियों को चिन्ह्ति कर उन्हें पंजीकृत करने का निर्देश जारी किया है। ऐसे कारोबारी जो वस्तुओं का कारोबार कर रहे हैं और उनका टर्नओवर 40 लाख रुपये से अधिक है और सेवा क्षेत्र में कारोबार करने वाले वह कारोबारी जिनका टर्नओवर 20 लाख से अधिक हैं वे जीएसटी के दायरे में हैं। ऐसे कारोबारियों को जीएसटी में पंजीयन लेना होगा। विभाग जल्द ही कारोबारियों की जांच कर उनके कारोबार की जांच कर कर निर्धारण कर उन्हें पंजीयन लेने के की कार्रवाई करेगा। -डीपी साहू, जेसी एसआईबी वाणिज्य कर गोंडा संभाग।