नेपाल से 75 किलोग्राम चरस लेकर कुल्लू मनाली हिमाचल प्रदेश जा रहे पांच नेपाली तस्करों को सशस्त्र सीमा बल के जवानों ने गिरफ्तार कर लिया। बरामद चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 7.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। तस्करों को चरस समेत अग्रिम कार्रवाई के लिए जरवा पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
9वीं वाहिनी एसएसबी कमांडेेंट मूर्ति सिंह ने शुक्रवार को बताया कि नेपाल सीमा पर स्थित कोयलाबास एसएसबी चौकी के गश्ती दल को टड़वा गांव के निकट पांच संदिग्ध लोग नेपाल की तरफ से आते हुए दिखे।
इन लोगों को एसएसबी टीम ने रोका तो ये लोग भागने लगे। जवानों ने सभी लोगों को दौड़ाकर आनंद मार्ग स्कूल जरवा के पास पकड़ लिया। तलाशी के दौरान इनके पास से 75 किलोग्राम नेपाली चरस बरामद हुई। तस्करों की पहचान नेपाल के दांग निवासी रमेश सोनार, कृष्णा सोनार, कमल धरती, लाल बहादुर व राम कुमार के रूप में हुई है।
पूछताछ में तस्करों ने बताया कि उन्होंने यह चरस दांग निवासी विजय के यहां से उठाई थी। चरस को बलरामपुर-लखनऊ-हरिद्वार होते हुए हिमाचल प्रदेश के कुल्लू मनाली के निकट मनीचरन गांव में पहुंचानी थी। इन तस्करों को चरस पहुंचाने के लिए प्रति किग्रा तीन हजार रुपये मिलने थे। तस्कर कमल धरती ने बताया कि इससे पूर्व वह इसी रास्ते से 21 किलोग्राम चरस मनीचरन गांव पहुंचा चुका है।
कमांडेंट ने बताया कि बरामद चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 7.5 करोड़ रुपये है। बरामद चरस व तस्करों को अग्रिम कार्रवाई के लिए जरवा कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया है। कोतवाल अशोक यादव ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।