अघोषित विद्युत कटौती के खिलाफ वकीलों में भारी आक्रोश व्याप्त है। गुरुवार को जिला अधिवक्ता एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने डीएम से मिलकर बिजली कटौती में सुधार किए जाने की मांग को लेकर वार्ता की। डीएम ने एक्सईएन पावर कॉर्पोरेशन को कलेक्ट्रेट बुलाकर वकीलों के साथ वार्ता की।
वार्ता के दौरान वकीलों ने बिजली की अघोषित कटौती बंद न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। वार्ता के बाद वकीलों ने राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। गुरुवार को जिला युवा अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष कमलेश्वर सिंह और महामंत्री आशुतोष तिवारी के साथ वकील साथियों का हुजूम कलेक्ट्रेट पहुंचकर अघोषित विद्युत कटौती बंद करने से संबंधित राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम प्रीति शुक्ला को सौंपा।
डीएम ने मौके पर एक्सईएन पावर कॉर्पोरेशन एसके ओझा को कलेक्ट्रेट कार्यालय बुलाकर एडीएम गंगाराम गुप्ता के समक्ष वार्ता की। वार्ता के दौरान वकीलों ने डीएम से की जा रही भारी विद्युत कटौती के खिलाफ शिकायत की। डीएम ने एक्सईएन को निर्देश दिया कि सुबह 6:30 बजे से 8:30 बजे तक नगरवासियों को पानी की जरूरत होती है। इस दौरान बिजली की कटौती कदापि न की जाए।
वार्ता के बाद वकीलों ने चेतावनी दी कि यदि अघोषित विद्युत कटौती बंद न हुई तो एसोसिएशन 31 जुलाई से उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा। अध्यक्ष व महामंत्री के साथ अशोक मिश्र, संतोष गौतम, नवीन तिवारी, शशि मोहन श्रीवास्तव, दिलीप मिश्र आदि वकीलों ने राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा।
डीएम प्रीति शुक्ला ने सभी विद्युत उपभोक्ताओं से मीटर लगवाने की अपील की जिससे लाइन लॉस को कम किया जा सके। 15 प्रतिशत से कम लाइन लॉस की रिपोर्ट मिलने पर जनपद मुख्यालय को 20 घंटे बिजली आपूर्ति पावर कॉर्पोरेशन करेगा। डीएम ने एक्सईएन को शत-प्रतिश घरों में मीटर लगवाने और बकाया बिजली बिल वसूली कराने का निर्देश दिया।