विकास खंड रुपईडीह के चोहट्टा गांव के मजरा मौलागंज में पांच बच्चे खसरे से पीड़ित हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम अब तक गांव नहीं पहुंची है। क्षेत्रीय एएनएम का कहना है कि दो दिन पहले उन्हें इसकी सूचना मिली थी, जिसके बाद गांव में दवाइयां बांटी गई थीं।
वहीं, पीएचसी रुपईडीह के प्रभारी अधीक्षक डॉ. सुरेशचंद्रा का कहना है कि उन्हें इससे पहले इसकी कोई जानकारी नहीं थी। अब पता चला है, इसलिए गांव में स्वास्थ्यकर्मियों को भेजकर दिखवाया जा रहा है।
सीएचसी खरगूपुर से संबद्ध पीएचसी रुपईडीह के अंतर्गत आने वाले चौहट्टा गांव के मजरा मौलागंज में कई दिनों से खसरे का प्रकोप है। इसकी चपेट में आने से गांव के सुभाष जायसवाल के तीन पुत्र आकाश (10), विकास (7) व प्रकाश, दुलारे का पुत्र प्रवीण (6) व मुबीन की बेटी आयशा (7) बीमार चल रहे हैं।
बीमारी की जानकारी होने के बावजूद अब तक स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव नहीं पहुंची है। वहीं, क्षेत्रीय एएनएम रंजना गुप्ता का कहना है कि उन्हें दो दिन पहले जैसे ही गांव में बीमारी फैलने की सूचना मिली थी, वैसे ही उन्होंने गांव में दवाइयों का वितरण करवाना शुरू कर दिया था। लेकिन बीमारी के संबंध में जानकारी होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग का कोई अन्य कर्मी गांव में झांकने तक नहीं पहुंचा।
पीड़ित बच्चों के परिवारीजनों ने उनका इलाज सीएचसी खरगूपुर में भी कराया, इसके बावजूद कोई सुधार नहीं हुआ। सीएचसी खरगूपुर मे तैनात चिकित्सक डॉ. विपिन यति ने बताया कि दो दिन पहले उन्होंने बीमार बच्चों का उपचार सीएचसी में किया था। इसके बाद वह विभागीय काउंसलिंग के सिलसिले में लखनऊ चले आए।