अग्निशमन केंद्र पर लोगों को जागरूक करते अग्निशमन अधिकारी नितेश शुक्ला। स्रोत: विभाग
गोंडा। उत्तर प्रदेश अग्निशमन व आपात सेवा नियमावली-2024 जारी होने से विशिष्ट भवनों में अग्नि सुरक्षा अधिकारियों की अनिवार्यता हो गई है। इसके साथ ही जिले के अग्निशमन केंद्रों पर 200 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। उन्हें अग्नि सुरक्षा उपायों में दक्षता का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके बाद प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। ऐसे में ये युवा संबंधित भवनों में तैनाती पा सकेंगे।
अधिकारियों ने बताया कि पहले चरण में तहसील स्तर पर अग्निशमन केंद्रों पर 50-50 युवाओं को अग्निशमन का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे न सिर्फ आपात स्थिति में युवा सक्रिय भूमिका निभाएंगे बल्कि उन्हें विशिष्ट भवनों में रोजगार पाने का अवसर भी मिलेगा। इसमें आग के प्रकार के साथ ही प्रयोग किए जाने वाले उपकरणों के साथ ही प्राथमिक अग्निशमन उपकरणों का संचालन, रखरखाव, फायर ट्रैंगल की जानकारी, आग व धुएं से सुरक्षित बचाव आदि की जानकारी दी जा रही है।
प्रभारी अग्निशमन अधिकारी नितेश शुक्ल ने बताया कि जिले के अग्निशमन केंद्रों पर युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके बाद प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।
सीएफओ रवींद्र शंकर मिश्र ने बताया कि सरकार की नियमावली आने के बाद प्रशिक्षित युवाओं को विशिष्ट भवनों में अग्नि सुरक्षा अधिकारी रखने की अनिवार्यता की गई है। इसका सख्ती से पालन कराया जाएगा। ऐसे में जिले के युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। ताकि युवाओं को रोजगार परक बनाने के साथ ही दक्षता के आधार पर काम का मौका मिल सके।