गोंडा। रबी फसलों की सिंचाई के बाद यूरिया की बढ़ती मांग के बीच जिला प्रशासन ने कालाबाजारी, टैगिंग और ओवररेटिंग पर सख्त रुख अपनाया है। प्रशासन ने साफ किया है कि यूरिया के साथ अन्य उत्पादों की जबरन टैगिंग या तय दर से अधिक मूल्य वसूलने पर थोक व फुटकर उर्वरक विक्रेताओं के साथ ही कंपनी प्रतिनिधियों पर एफआईआर दर्ज की जाएगी, साथ ही एनएसए तक की कार्रवाई की जाएगी।
डीएम प्रियंका निरंजन ने बताया कि जिले में यूरिया की कोई कमी नहीं है। वर्तमान में 16,624 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। सभी एम-पैक्स समितियों, क्रय-विक्रय समितियों, एग्री जंक्शन, आईएफएफडीसी कृषक सेवा केंद्रों एवं निजी बिक्री केंद्रों पर पीओएस मशीन के माध्यम से जोत-बही के आधार पर ही यूरिया की बिक्री की जा रही है।
यदि किसी भी स्थान पर मनमानी, टैगिंग या अधिक मूल्य वसूली की शिकायत हो तो किसान जिला कृषि अधिकारी कार्यालय स्थित कंट्रोल रूम के फोन नंबर 05262-796594 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा संबंधित एडीओ (कृषि), बीडीओ, तहसीलदार या उप जिलाधिकारी को भी सूचना दी जा सकती है। (संवाद)