तरबगंज (गोंडा)। तरबगंज तहसील में ग्राम पंचायत किंधौरा की चारागाह भूमि से जुड़ा विवाद एक बार फिर चर्चा में है। मामले की जांच के दौरान संबंधित पत्रावली कोर्ट से गायब हो गई है। इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
आरोप है कि चारागाह भूमि की श्रेणी बदलकर उसका क्षेत्रफल संशोधित करते हुए उसे एक व्यक्ति के नाम दर्ज कर दिया गया था। मामला उजागर होने पर विधायक प्रेमनरायन पांडेय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शिकायती पत्र भेजा था। मुख्यमंत्री सचिवालय के निर्देश पर डीएम ने मामले की जांच एडीएम आलोक कुमार को सौंपी। जांच के दौरान जब पत्रावली तलब की गई तो वह तहसील से गायब पाई गई। तत्कालीन एसडीएम के निलंबित रीडर राजेश पांडेय ने अपने ही सहयोगी कर्मचारी महेश मिश्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। वहीं, महेश मिश्र ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि फाइलों के रखरखाव की जिम्मेदारी उनकी नहीं है। तत्कालीन एसडीएम विश्वमित्र सिंह ने कहा कि भूमि अभिलेखों के अनुसार नियमानुसार संशोधन किया गया था और कार्रवाई विधिसम्मत है। (संवाद)