रुपईडीह/गोंडा। आकांक्षी ब्लॉक रुपईडीह में एनआरएलएम में हुए करीब दो करोड़ रुपये के सामुदायिक निवेश निधि घोटाले में बड़ी कार्रवाई की तैयारी है। आरोप है कि ब्लॉक के संकुल संघ, ग्राम संगठन व समूहों की पदाधिकारियों ने घोटाले को लेकर जारी स्पष्टीकरण का जवाब नहीं दिया। अब स्वत: रोजगार उपायुक्त ने बीडीओ को एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
बीते 16 दिसंबर को कोर्ट की फटकार के बाद स्वत: रोजगार उपायुक्त की ओर से पदाधिकारियों को नोटिस जारी किया गया था। आरोप लगाया कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना की सामुदायिक निवेश निधि की रकम में वित्तीय अनियमितता की गई। एक सप्ताह में जवाब तलब किया गया था। मगर संबंधित संकुल संघ, ग्राम संगठन व समूहों की पदाधिकारियों ने जवाब नहीं दिया।
इस मामले में वर्ष 2022 से अब तक सीडीओ अंकिता जैन व उत्तर प्रदेश ग्राम्य विकास आयुक्त के निर्देश पर अधिकारियों की जांच में करीब दो करोड़ रुपये के बंटरबांट की पुष्टि हो चुकी है। सभी समूहों की जांच भी नहीं हो पाई है। पहले भी ब्लॉक मिशन मैनेजर समेत पदाधिकारियों के खिलाफ खरगूपुर थाने में एफआईआर दर्ज हो चुकी है। बड़े पैमाने पर समूह की पात्र महिलाएं सरकार की योजना के लाभ से वंचित रह गईं।
बीडीओ अभय कुमार सिंह का कहना है कि उच्चाधिकारियों की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश मिले हैं। इसके लिए सभी जरूरी तैयारी की जा रही है।