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ड्राई रन के फाइनल राउंड से कोरोना टीकाकरण की तैयारी पूरी

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गोंडा। कोरोना वैक्सीन के ड्राई रन का फाइनल राउंड सोमवार को पूरा हो गया। 22 केंद्रों पर 720 लोगों को टीकाकरण के पूर्वाभ्यास के लिए बुलाया गया था। लेकिन 600 लोगों के साथ पूर्वाभ्यास हुआ। बड़े पैमाने पर टीकाकरण के पूर्वाभ्यास होने से अब टीकाकरण अभियान के लिए जिला पूरी तरह से तैयार हो गया है।
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कोरोना के टीके का पूर्वाभ्यास सोमवार को जिले के 22 केंद्रों पर हुआ। टीकाकरण की तैयारियों को और बेहतर ढंग से पूरे करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमों को लगाया गया है। 16 जनवरी से टीकाकरण शुरू होने की संभावना है और पहले चरण 13879 के करीब स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगेगा।
इसकी तैयारी हो गई है। जिलाधिकारी मार्कण्डेय शाही ने पुलिस अधीक्षक शैलेश पांडेय के साथ कोरोना वैक्सीन के ड्राई रन का जिला अस्पताल में पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने वेटिंग एरिया, वैक्सीनेशन रूम तथा ऑब्जर्वेशन रूम का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि कोरोना वैक्सीन का वैक्सीनेशन किए जाने के बाद संबंधित व्यक्ति की गहन निगरानी की जाय।
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जिलाधिकारी ने बताया कि ड्राई रन व वैक्सीनेशन के दौरान कोविड-19 प्रोटोकाल का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराया जाय। जिलाधिकारी ने सीएमओ से पूर्व में हुए ड्राई रन के अनुभवों की जानकारी ली।
बताया गया कि ड्राई रन में जितने भी लोगों का वैक्सीनेशन हुआ है, उनमें से किसी भी व्यक्ति को कोई परेशानी अब तक नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है।
वैक्सीनेशन रूम का निरीक्षण करने के बाद डीएम ने संयुक्त रूप से डिस्ट्रिक्ट कोविड वैक्सीन स्टोर का भी निरीक्षण किया तथा मानक अनुरूप सभी आवश्यक प्रबन्ध सुनिश्चित कराने के निर्देश मुख्य चिकित्साधिकारी को दिए। जिले के 24 केंद्रों पर 720 लाभार्थी कर्मचारियों के साथ टीकाकरण के विभिन्न बिंदुओं व आने वाली समस्याओं पर पूर्वाभ्यास होना था।
ड्राई रन के लिए चयनित शहर के छह तथा ग्रामीण इलाकों के 18 केंद्र पर कर्मचारियों ने टीकाकरण का पूर्वाभ्यास हुआ। जिसमें नेटवर्किंग समस्या व साइट हैंग होने से सभी चयनित लाभार्थियों को कोरोना का टीका नहीं लग पाया।
कोरोना वैक्सीन के टीकाकरण के लिए की गई तैयारियों की समीक्षा करने के लिए प्रशासन द्वारा दूसरा ड्राई रन किया गया। पांच जनवरी को हुए पहले टीकाकरण के पूर्वाभ्यास में जो खामियां सामने आई उसी को सुधारने के लिए दूसरे ड्राई रन का आयोजन किया गया। दूसरे ड्राई रन में भी कई कमियां सामने आई।
पूर्वाभ्यास के दौरान उन जिम्मेदार लोगों की लापरवाही देखने को मिली जिनके कंधे पर टीकाकरण के दौरान लोगों को सिखाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिला अस्पताल के बगल बने कोविड अस्पताल में ड्राई रन के दौरान जिम्मेदारों ने सोशल डिस्टेंसिंग व अनुशासन का जमकर मजाक उड़ाया गया।
जिला अस्पताल के बगल बने कोविड अस्पताल में सुबह 10 बजे से टीकाकरण का पूर्वाभ्यास शुरु हुआ। अस्पताल में अलग-अलग डेस्क बनाये गए थे। पहले डेस्क पर सुरक्षा कर्मी सूचीबद्ध लोगों का नाम देखकर बता रहे थे। उसके बगल वाली डेस्क पर कर्मचारियों द्वारा सैनिटाइजर लगाकर बिना मास्क के आए लोगों को मास्क दिया जा रहा था।
उसके पीछे लाभार्थियों को अपनी बारी का इंतजार करने के लिए प्रतीक्षा कक्ष बनाया गया था। प्रतीक्षा कक्ष में टीकाकरण के लिए चयनित लाभार्थी कर्मचारी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करते हुए अपनी जगह से उठकर झुंड बनाकर बातें करते दिखे। कोविड अस्पताल की मैट्रन प्रतिभा यादव द्वारा ग्रुप बनाकर अन्य कर्मचारियों के साथ बात की जा रही थी।
अस्पताल के प्रबंधक रविकांत शुक्ल द्वारा समझाए जाने पर भी मैट्रन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। सुरक्षा की ड्यूटी में लगे कर्मचारी द्वारा यह तर्क दिया गया कि वो सभी लोग कर्मचारी हैं उसे एक-दो बार समझाया गया, लेकिन वह नहीं माना। पूर्वाभ्यास नोडल अधिकारी अरविंद कुमार, डॉ. विपिन यति, डॉ. अनिल वर्मा, रविकांत शुक्ल आदि रहे।
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