गोंडा। पंचायत चुनाव की धूम फरवरी से तेज होनी तय हो गई है। अधिकारियों की मानें तो15 फरवरी तक पंचायत चुनाव की तिथियां घोषित हो जाएंगी। इसके अलावा 20 जनवरी के बाद आरक्षण का कार्य शुरू होगा। जिले में पंचायतों के प्रधानों और सदस्यों के पदों पर करीब 50 हजार लोग चुनाव लड़ने की तैयारी पर हैं।
जिले में प्रधानों के 1214 पंचायतों में निर्वाचन होने के साथ ही पंचायत सदस्य के 15408 पद इस बार हो गए हैं। इसी तरह क्षेत्र पंचायत सदस्य के 1602 व जिला पंचायत सदस्य के 65 पदों पर निर्वाचन होगा। इस बार 50 हजार से अधिक उम्मीदवार पंचायत के चुनाव में होने की उम्मीद जताई जा रही है।
वर्ष 2015 में हुए चुनावों पर नजर दौडाएं तो उस समय 33 हजार प्रत्याशियों ने पंचायत चुनाव में ताल ठोंकी थी। इस बार पदों के बढ़ने ओर राजनीतिक दलों के भी चुनाव में रुचि लेने से उम्मीदवारों की संख्या बढ़नी तय है।
चुनाव प्रक्रिया के जानकार की मानें तो 50 हजार से अधिक लोग इस बार चुनाव में उतरेंगे। वर्ष 2015 में16 विकास खंडों के 1044 पंचायतों के प्रधानों और 13136 पंचायत सदस्यों के पदों के लिए हुए चुनाव में 22988 लोग मैदान में उतरे थे।
इसी तरह 51 जिला पंचायत सदस्यों और 1240 क्षेत्र पंचायत सदस्यों के लिए 94510 प्रत्याशी थे। इसमें जिला पंचायत सदस्य के 830 और क्षेत्र पंचायत सदस्य पद पर 8580 लोगों ने ताल ठोंकी थी। इस तरह वर्ष 2015 के निर्वाचन में करीब 33 हजार प्रत्याशी मैदान में उतरे थे। इस बार प्रत्याशियों के बढ़ने को देखते हुए निर्वाचन विभाग तैयारियों में जुटा है और नामांकन पत्रों आदि की तैयारी हो रही है।
जिले में 15 फरवरी तक त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की अधिसूचना जारी होने की संभावना से पंचायतों में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। विभागीय अधिकारियों ने अनुमान जताया है कि मार्च के अंतिम सप्ताह से लेकर अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक पंचायत चुनाव हो जायेंगे।
मई तक जिला पंचायत अध्यक्षों और ब्लॉक प्रमुखों की भी चुनावी प्रक्रिया पूरी हो जायेगी। भाजपा के नेताओं ने पंचायत चुनाव की तैयारियों में पूरी ताकत लगा दी है। पार्टी के एक नेता का कहना है कि जानकारी मिली है कि 15 फरवरी को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद मार्च के अंत या फिर अप्रैल के पहले सप्ताह में ग्राम पंचायत के चुनाव हो जाएंगे।
इसी आधार पर पार्टी तैयारी की जा रही है। भाजपा के नेता व पंचायत चुनाव का काम देख रहे राकेश तिवारी ने सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी से मिलकर परिसीमन आदि की तैयारी पर चर्चा की और पार्टी कार्यकर्त्ताओं की ओर से दिए आपत्तियों के बारे में बताया। इस तरह राजनीति दल भी पूरी तरह सक्रिय हैं।
पंचायतों के आरक्षण से ही प्रत्याशी तय होंगे, ऐसे में सभी की निगाहें प्रक्रिया पर टिकी हैं। पंचायत चुनाव में आबादी के हिसाब से आरक्षण रहेगा। परिसीमन का कार्य पूरा हो रहा है औरा 14 जनवरी तक परिसीमन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
इसके बाद आरक्षण का कार्य ही अवशेष रहेगा। वार्डों के हिसाब से मतदाता सूची तैयार की जा रही हैं। 20 जनवरी के बाद जिला पंचायत, ब्लाकों का आरक्षण जिले से तय किया जायेगा। चुनाव लड़ने वालों की निगाहें चुनावी तैयारियों पर टिकी हुई हैं।