गोंडा। जिले की विभिन्न सहकारी समितियों के 30 पूर्व सचिवों पर करीब 50 लाख रुपये के कथित गबन के मामले में सहकारिता विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। विभाग ने सभी आरोपितों को अंतिम नोटिस जारी करते हुए सात दिन के भीतर पूरी धनराशि संबंधित समिति अथवा पीसीएफ के खाते में जमा करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित समय में राशि जमा नहीं होने पर संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज कराकर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक (सहकारिता) रवि शंकर चौधरी ने बताया कि 31 मार्च 2026 को कृषि निवेश स्टॉक के सत्यापन के दौरान कई समितियों में उर्वरक बिक्री की धनराशि खातों में जमा न होने का मामला सामने आया था। आरोप है कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) के तहत उपलब्ध कराए गए कृषि निवेश की बिक्री से प्राप्त धनराशि समिति के खाते में जमा करने के बजाय निजी उपयोग में खर्च कर दी गई।
उन्होंने बताया कि सभी पूर्व सचिवों को निर्देश दिया गया है कि वे सात दिन के भीतर बकाया राशि जमा कर उसकी रसीद सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक (सहकारिता) कार्यालय में उपलब्ध कराएं। संबंधित सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) और तहसील प्रभारी अपर जिला सहकारी अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि समय सीमा समाप्त होने के बाद राशि जमा न होने पर संबंधित थाने में तत्काल एफआईआर दर्ज कराई जाए।
सर्वर ठप होने से उर्वरक वितरण प्रभावित
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक (सहकारिता) रवि शंकर चौधरी ने बताया कि पॉश मशीनों का सर्वर ठप होने से सहकारी समितियों पर उर्वरक वितरण प्रभावित है। गोंडा समेत आसपास के कई जिलों से भी ऐसी शिकायतें मिली हैं। समस्या के समाधान के लिए उच्च स्तर पर मामला उठाया गया है और सर्वर जल्द चालू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।