जिले में शनिवार को हुई मूसलधार बरसात के कारण कई परिषदीय विद्यालयों में पानी भर गया। इस बरसात के कारण परिषदीय विद्यालयों में नए शैक्षिक सत्र के पहले दिन ही शिक्षण व्यवस्था ध्वस्त हो गई। तमाम विद्यालयों में जलभराव के कारण बच्चे और शिक्षक दोनों ही स्कूल नहीं पहुंच सके, जिससे अधिकतर स्कूलों के ताले शनिवार को नहीं खुल सके । उधर, शैक्षिक सत्र के पहले दिन स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था का जायजा लेने निकले जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को भी इस बरसात के कारण बिना निरीक्षण के ही बैरंग वापस लौटना पड़ा।
गर्मी की छुट्टियों के बाद शनिवार से खुल रहे स्कूलों को लेकर बच्चों में काफी उत्साह था। बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय विद्यालयों में नए शैक्षिक सत्र के पहले दिन विद्यालय आने वाले बच्चों का स्वागत रोली चंदन से करने की योजना बनाई गई थी। लेकिन बरसात ने इन सारे मंसूबोें पर पानी फेर दिया।
शनिवार को रात से ही हो रही भारी बरसात के कारण जिले के अधिकतर विद्यालयों में जलभराव हो गया और इससे यहां पठन-पाठन नहीं हो सका। बरसात के चलते बच्चे पहले दिन ही स्कूल नहीं जा सके। रात से ही हो रही लगातार बारिश के कारण शिक्षकों को भी काफी असुविधाओं का सामना कराना पड़ा और अधिकतर शिक्षक खासकर महिला शिक्षिकाएं स्कूल नहीं पहुंच सकीं। जिससे अधिकतर विद्यालयों में ताले लटके रहे।
कहीं अगर शिक्षक पहुंचे भी तो उन्हें बिना छात्रों के ही विद्यालय में समय बिताना पड़ा। उधर, शनिवार को पहले दिन परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था का जायजा लेने निकले जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवेंद्र प्रताप सिंह को जलभराव के कारण बिना निरीक्षण बैरंग वापस लौटना पड़ा।