गोंडा। बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन व पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया है। जिले के 151 परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी व वेबकास्टिंग के जरिए पल-पल निगरानी की जाएगी। 17 संवेदनशील केंद्रों को विशेष निगरानी सूची में रखा गया है। डीआईओएस डॉ. रामचंद्र की ओर से जारी दिशा-निर्देश में सबसे अहम निर्णय यह है कि जिन परीक्षा केंद्रों पर बालिकाएं परीक्षा देंगी, वहां महिला कक्ष निरीक्षकों की तैनाती अनिवार्य की गई है। औचक निरीक्षण दल में भी महिलाएं शामिल रहेंगी। किसी भी परिस्थिति में पुरुष कर्मी की ओर से बालिका परीक्षार्थी की तलाशी नहीं ली जाएगी। तलाशी की जिम्मेदारी केवल महिला निरीक्षक की ही होगी। प्रत्येक केंद्र पर वॉयस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरा, राउटर व हाईस्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्शन अनिवार्य रूप से सक्रिय रखे जाएंगे। कैमरों को जनरेटर व इन्वर्टर से जोड़ा जाएगा, ताकि बिजली बाधित होने पर भी निगरानी प्रभावित न हो। एक मिनट से अधिक समय तक कैमरा बंद रहने पर संबंधित केंद्र व्यवस्थापक की जवाबदेही तय की जाएगी।
नकलची पकड़े जाने पर डिबार होगा परीक्षा केंद्र
डीआईओएस ने कहा यदि किसी केंद्र पर नकलची या दूसरे के स्थान पर परीक्षा देते हुए परीक्षार्थी पकड़ा गया तो संबंधित छात्र व जिम्मेदार कर्मियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई होगी और केंद्र को डिबार किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा की शुचिता से कोई समझौता नहीं होगा। महिला सुरक्षा व पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी केंद्रों पर सख्त निगरानी सुनिश्चित की गई है।