नवाबगंज (गोंडा)। धर्मपुरवा में हजरत गुप्ती शहीद मजार में किशोरी कविता (17) की मौत के बाद शिकंजा कसता जा रहा है। पुलिस व राजस्व प्रशासन की टीम ने मंगलवार को मौके पर पहुंचकर भूमि की जांच शुरू कर दी है। लोगों से जानकारी लेने के साथ ही कविता के पिता का बयान दर्ज किया। वहीं, मुजाबिर कार्रवाई के डर से भूमिगत हो गए हैं।
मंगलवार को तहसीलदार संतोष यादव, लेखपाल ओम प्रकाश वर्मा के नेतृत्व में राजस्व टीम मौके पर पहुंची। इसके साथ ही जमीन से संबंधित जरूरी जानकारी जुटाई गई। तहसीलदार ने बताया कि मजार की जमीन की जांच की गई है। संबंधित गाटा संख्या कब्रिस्तान के नाम पर दर्ज है। आसपास सरकारी जमीन की पुष्टि नहीं हो सकी है। अगर इससे ज्यादा अतिक्रमण है तो वह निजी जमीन हो सकती है। इसकी जांच पड़ताल की जा रही है।
वहीं, थानाध्यक्ष अभय सिंह का कहना है कि वरिष्ठ उपनिरीक्षक विश्वास कुमार चतुर्वेदी ने विवेचना शुरू कर दी है। मुकदमा दर्ज होने के बाद पीड़ित समेत घटना से जुड़े लोगों से पूछताछ की है। कमेटी की भूमिका संदिग्ध होने के चलते जांच प्रक्रिया तेजी से चल रही है। पीड़ित की ओर से किसी का नाम नहीं दिया गया है। मंगलवार को प्रशासनिक जांच बढ़ी तो मजार के मुजाबिर नजर नहीं आए। पुलिस को आशंका है कि गैर इरादतन हत्या की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद आरोपी वहां से भाग गए हैं। जल्द ही सीसीटीवी फुटेज की मदद से पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
कमेटी की ओर से दी जा रही सफाई
दरगाह हजरत गुप्ती शहीद सेवा समिति के अध्यक्ष एकलाख अहमद ने बताया कि मजार पर कमेटी का काम सिर्फ देखभाल करना है। कमेटी के लोग कभीकभार मजार पर जाते है। झाड़फूंक करने वाले कुछ लोग दरगाह पर आते हैं, वह दरगाह के बाहर ही ऐसा करते हैं। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि गुप्ती शहीद बाबा की मजार कई दशकों से यहां पर स्थित है। पहले कस्बे के एक दो लोग ही मजार पर अरदास करने आते थे। कमाई के साथ अंधविश्वास फैलाने वालों की संख्या बढ़ती चली गई है।