गोंडा। सरयू नदी में उफान से बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ रहा है। तरबगंज के ऐली माझा गांव में नदी ने तबाही मचा रखी है। एक स्कूल के बाद अब तक आधा दर्जन लोगों के घर नदी में समा चुके हैं। नदी के तेवर लगातार तीखे हैं। इससे दो तहसीलों के 1464 मजरे बाढ़ के मुहाने पर खड़े हैं।
बाढ़ की स्थिति गंभीर हुई तो इन मजरों में रहने वाले 37153 परिवारों के करीब दो लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित होगी। जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही लगातार बाढ़ की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होने दोनो तहसील के अधिकारियों को सर्तकता बरतने के निर्देश दिए हैं।
एलगिन ब्रिज के पास सरयू नदी खतरे के निशान को पार करने वाली है। खतरे के निशान से सरयू नदी 45 सेमी. नीचे बची है। नदी का जलस्तर 105.626 मीटर है। जिस रफ्तार से नदी बढ़ रहा है, उससे तो लगता है कि जल्द ही नदी खतरे के निशान को पार कर जाएगी। इसके बाद खतरा और बढ़ सकता है।
तरबगंज क्षेत्र के गांवों में बाढ़ का खतरा अधिक है। सोनौली मोहम्मदपुर के पास बांध का निर्माण हो रहा है, और अभी कई स्थानों पर कार्य अधूरे हैं। ऐली माझा गांव में लगातार कटान हो रही है, माना जा रहा है कि नदी के कटान से ऐली माझा का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।
करनैलगंज के नकहरा गांव में भी बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। बांध का विस्तार होने से नकहरा गांव के कई मजरे सीधे घाघरा के नजदीक आ गए हैं और पानी गांवों की ओर बढ़ रहा है।
नवाबगंज क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। अयोध्या में सरयू नदी का जलस्तर 92.120 मीटर है जो खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। दोनों तरफ से नदी का दबाव बना हुआ है, और इस दायरे में आने वाले गावों में बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है।
सरयू नदी में पानी का डिस्चार्ज लगातार बढ़ता जा रहा है। नदी के जलस्तर में उफान आ रहा है। नदी गांवों को निशाना बना रही है। सरयू नदी में इस समय एक लाख 43 हजार 443 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज है।
इसके अलावा गिरजा बैराज का डिस्चार्ज एक लाख 17 हजार 773 क्यूसेक पानी है, जिसका असर सरयू नदी में भी दिखेगा और जलस्तर में बढ़ोत्तरी होगी। इसी तरह शारदा बैराज का डिस्चार्ज भी 25 हजार 352 क्यूसेक पानी है। अयोध्या में भी 318 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज रेकार्ड किया गया है। लगातार सरयू में बाहर का पानी भी आ रहा है। साथ ही बारिश का पानी भी जलस्तर पर प्रभाव डाल रहा है।