जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपियों में शामिल रालोद नेता अनिल चौधरी के पींजरी स्थित शीतगृह को तोड़े जाने की आशंका पर बृहस्पतिवार को सैकड़ों की संख्या में किसान शीतगृह के बाहर पहुंच गए और देर शाम तक वहीं डटे रहे।
किसानों का कहना है कि अभी शीतगृह तोड़ा गया तो उसमें भंडारित उनका हजारों क्विंटल बर्बाद हो जाएगा। उन्हें बड़ा नुकसान होगा। अपनी मांगों का ज्ञापन उद्यान अधिकारी व थाना प्रभारी को सौंपा।
पींजरी स्थित अनिल चौधरी के शीतगृह में करीब 800 किसानों के करीब 2 लाख बोरे आलू भंडारित हैं। बृहस्पतिवार को किसानों को शीतगृह तोड़े जाने की आशंका हुई तो किसानों में अफरा-तफरी मच गई। कहा कि इस वक्त शीतगृह तोड़ा गया तो किसान आत्महत्या करने के लिए मजबूर होंगे।
अगर शीतगृह की चारदीवारी भी तोड़ी गई तो आलू की सुरक्षा नहीं हो सकती क्योंकि वहां पर बड़ी संख्या में गोवंश है। मांग की 15 नवंबर तक तोड़फोड़ न की जाए ताकि किसान अपने आलू और बीज की सकुशल निकासी कर सकें।
सूचना पर पांच घंटे बाद जिला उद्यान अधिकारी एनके सहानिया और थाना प्रभारी संदीप कुमार मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाया। किसानों ने उन्हें मांग पत्र सौंपा। अधिकारियों के जाने के बाद भी किसान शीतगृह के बाहर डटे रहे। यतीश कांकरान, जुगेंद्र सिंह, दिनेश कुमार, बच्चू सिंह, जगदीश सिंह, वीरेंद्र कुमार, पुष्पेंद्र सिंह, कैलाश चंद्र, गजेंद्र सिंह, कुशलपाल सिंह, राधेश्याम शर्मा, जगदीश सिंह आदि तमाम किसान मौजूद रहे।
- आलू गर्मी कतई सहन नहीं कर सकता है। अगर किसी भी तरह दो दिन भी बंद हो गई तो किसानों का आलू डंप हो जाएगा। किसानों का नुकसान नहीं होना चाहिए। किसानों का मांग पत्र उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा। -एनके सहानिया, जिला उद्यान अधिकारी।