अलीगढ़ के गोंडा क्षेत्र के गांव भ्यामल खेड़ा में तीनों कृषि कानून के विरोध में किसान पंचायत को भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने संबोधित किया। इस दौरान किसानों ने उन्हें मंच पर हल भेंट किया। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ के गोंडा को चौधरी साहब मिनी सिसौली कहते थे।
रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आपकी जमीन छीनने का प्लान बन चुका है, हमारे वृद्ध हमारे नाम जमीन नहीं कर सकते हैं। यह सरकार हमारी जमीन छीनने की पूर्ण तैयारी कर चुकी है। तीन कानून किसानों का उत्थान करने की बात की गई, लेकिन गोदाम पहले बन गए। पूंजीपति पीएमओ में घुस गए है। 2021 आंदोलन का वर्ष है, आंदोलन करना ही होगा।
किसानों को एमएसपी पर कानून बना दो, किसान का माल खराब बताकर कम कीमत पर खरीद कर व्यापारी एमएसपी पर बिक्री कर मुनाफा कमा रहे हैं। साप्ताहिक बाजार खत्म करने की योजना है, सरकार ने एक ही झटके में बहुत चीज है निपटाने का प्लान बना लिया। किसान सांड पर काबू कर सकता है, उसके खेत जोतता है जब सांड उधम करता है तो उसकी नाक में नाथ डालता है। उसमें ही उसकी रेस ब्रेक सब होते हैं, ऐसे ही सरकार का किसान इलाज करना जनता है।
थोड़ा समय लगेगा, कल अलवर में हम पर हमला कराया। काले झंडे दिखाए हम खुद शनि हैं, हमें सख्त आनोदलन चलाने होंगे। सरकार सर्दियों में चली गयी, अब सर्दियों में ही मिलेगी। किसानों का अनाज गोदामों में भरा जा रहा है। एक कानून बीज का आ रहा है, बीज के थाने खुलेंगे। किसी दूसरी कंपनी का बीज आपने अपने खेत मे डाल दिया तो मुकदमा लिखा जाएगा और सजा होगी। यह कानून इस लिए लाए गए हैं कि किसान अपने खेतों को छोड़ कर भागे ओर यह कब्जा कर ले।