गोंडा। बारिश के बाद खरीफ की फसलों की बोआई की तैयारी तेज हो गई है। धान का बेरन डालने के लिए किसान यूरिया के भंडारण में जुटे हुए हैं। बारिश का पानी सूखने के बाद तुरंत गन्ने की फसल को खाद की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में समितियों पर खाद पहुंचते ही किसानों की भीड़ लग जाती है। घंटों लाइन लगाने के बाद ही खाद मिल पा रही है।
बृहस्पतिवार को जयप्रभा ग्राम के साधन सहकारी समिति जानकी नगर में यूरिया का स्टॉक पहुंचा तो किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही किसान लाइन में लग गए। बायोमीट्रिक सत्यापन के बाद खाद का वितरण शुरू हुआ।
रामनगर झिन्ना निवासी किसान जगदंबा प्रसाद मिश्र ने बताया कि यूरिया के लिए किसान कई दिनों से इंतजार कर रहे थे। बाहर दुकानों पर महंगे दाम में खाद बिकता है। करीब एक घंटे से लाइन में लगे हैं। अभी तक खाद नहीं मिल सकी। भवानीपुर कला के किसान अजीत कुमार ने बताया कि प्राइवेट दुकानदार अधिक मूल्य पर यूरिया बेच रहे हैं, जिससे समिति पर किसानों की भारी भीड़ है।
शिवपुरा गांव के सुरेंद्र तिवारी ने बताया कि क्षेत्र में अच्छी बरसात हुई है। किसानों को इस समय यूरिया की जरूरत है। लेकिन यूरिया के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बैरन पुरवा से निवासी किसान शकुंतला देवी ने बताया कि महिलाओं की अलग से लाइन लगनी चाहिए, जिससे हम लोगों को खाद लेने में आसानी हो सके। बाजार में यूरिया महंगे दामों पर बिक रहा है, इसलिए मजबूरी में लोग समितियों पर घंटों तक लाइन लगाते हैं।
उप निदेशक कृषि प्रेमकुमार ठाकुर ने बताया कि जिले में यूरिया की कोई किल्लत नहीं है। जिला कृषि अधिकारी को निर्देश दिया गया है कि खाद-बीज की दुकानों की नियमित निगरानी करें। अधिक मूल्य वसूलने वालों पर कार्रवाई होगी।