मुजेहना। कुआनों नदी में देवी प्रतिमा विसर्जन के दौरान डूब रहे युवकों को बचाने में किसान तुलाराम शुक्ला (45) की जान चली गई। मंगलवार शाम नदी में लापता हुए तुलाराम का शव बुधवार सुबह एसडीआरएफ की टीम ने बरामद किया। करीब 18 घंटे बाद शव मिलने की सूचना मिली।
धानेपुर थाना क्षेत्र के बिहुरी गांव के मजरे शिव बक्श पुरवा में स्थापित देवी प्रतिमा के विसर्जन के लिए मंगलवार दोपहर ग्रामीण शोभायात्रा लेकर भैंसहवा घाट पहुंचे थे। शाम करीब साढ़े चार बजे कुआनों नदी में विसर्जन के दौरान दीपक, उत्तम, संजय, दद्दन और राजा समेत कुछ युवक डूबने लगे। उन्हें बचाने के लिए शिव बक्श पुरवा निवासी तुलाराम नदी में कूद पड़े। उन्होंने एक-एक कर सभी को सुरक्षित किनारे पहुंचा दिया लेकिन इसी दौरान पैर फिसलने से वह गहरे पानी में चले गए और लापता हो गए।
थानाध्यक्ष विपुल पांडेय और सहायक पुलिस अधीक्षक अभिषेक दवाच्या मौके पर पहुंचे। गोताखोरों ने मंगलवार देर शाम तक तलाश की, लेकिन तुलाराम का पता नहीं चला। बुधवार सुबह एसडीआरएफ की दो टीमों ने तलाश शुरू की। करीब एक घंटे के अभियान के बाद उनका शव बरामद हुआ। सहायक पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
15 दिन पहले हुई थी पिता की मौत
तुलाराम की मौत से पत्नी सुशीला और चार बेटे सिपाही लाल, नीरज, सूरज व रामधीरज का रो-रोकर बुरा हाल है। चारों बेटों की शादी हो चुकी है। करीब 15 दिन पहले ही तुलाराम के पिता जगन्नाथ की मौत हुई थी। परिवार इस दुख से उबर भी नहीं पाया था कि एक और हादसे ने उन्हें तोड़ दिया।
सुशीला ने बताया कि सिपाही लाल और नीरज करीब 15 दिन पहले रोजी-रोटी के लिए मुंबई गए थे, जबकि सूरज 10 दिन पहले दिल्ली गया था। पिता की मौत की खबर मिलते ही तीनों घर लौट रहे हैं। भाजपा विधायक विनय कुमार द्विवेदी ने मौके पर पहुंचकर परिजनों से जानकारी ली है।