करनैलगंज (गोंडा)। बेसिक शिक्षा विभाग मेें दूसरे के अभिलेख पर नौकरी करने वालों के खुलासे का सिलसिला जारी है। वर्ष 2010 में श्रावस्ती जनपद के हरिहरपुर रानी ब्लॉक में नौकरी लेने वाले सहायक अध्यापक मृत्युंजय कुमार मिश्र दूसरे के अभिलेख पर नौकरी कर रहा था। दस साल बाद एसटीफ की जांच में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। जिस पर शिक्षक को बर्खास्त कर दिया गया। वर्ष 2014 में दूसरे के अभिलेख पर नौकरी करने वाले शिक्षक को श्रवास्ती बीएसए ने पदोन्नति देकर प्रधानाध्यापक भी बना दिया और वह प्रधानाध्यापक दिसंबर 2016 मेें गोंडा आ गया। जिसे मार्च 2017 में करनैलगंज केे प्राथमिक विद्यालय दूदी में तैनाती भी मिल गई।
करनैलगंज के प्राथमिक विद्यालय दूदी में तीन सालों से प्रधानाध्यापक पद पर मृत्युंजय कुमार मिश्र कार्य करता रहा। किसी को इस बात की भनक नही लगी कि वह दूसरे के शैक्षिक अभिलेख पर नौकरी कर रहा है। वह ब्लाक स्तर के अधिकारियों और कई शिक्षकों के काफी करीब रहा। इसी बीच 20 मई 2020 को एसटीएफ की जांच में यह मामला सामने आया कि शिक्षक दूसरे के नाम पर नौकरी कर रहा है। बीएसए को पत्र भेजा और बीएसए ने 30 मई 2020 को नोटिस जारी करके प्रधानाध्यापक मृत्युंजय कुमार मिश्र से जवाब मांगा। उसने कोई जवाब नहीं दिया। बताया जा रहा है कि इसमें अधिकारियों की मिलीभगत भी रही। स्कूल के खाते से शिक्षक ने सरकारी बजट भी निकाल लिया। इसमें एक और शिक्षक का सहयोग रहा। बीएसए डॉ. इन्द्रजीत प्रजापति ने छानबीन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद प्रधानाध्यापक मृत्युजंय कुमार मिश्र को सेवा से बर्खास्त दिया। उन्होंने बताया कि कई नोटिस के बाद भी उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद 26 जून 2020 को उन्होंने बर्खास्त कर दिया है। इसके साथ ही करनैलगंज के खंड शिक्षा अधिकारी को मुकदमा दर्ज कराने की नोटिस दिया है। बीईओ को रिकवरी कराने का निर्देश दिया है।
दो जिलों से होगी शिक्षक से वेतन की रिकवरी
दूसरे के अभिलेख पर नौकरी कर रहे प्रधानाध्यापक को अब तक लाखों का भुगतान किया जा चुका है। इसमें श्रावस्ती जनपद से छह सालों तक शिक्षक ने नौकरी की है और वेतन लिया है। उसके वेतन का भुगतान वहां से हुआ है ऐसे में उस समय के वेतन की रिकवरी श्रावस्ती जनपद से होगी। इसके अलावा तीन सालों से वह जिले में नौकरी करके वेतन लिया है, ऐसे में तीन साल का करीब 20 लाख रुपये की रिकवरी जिले से होनी है। दोनो जिलों से करीब 60 लाख रुपये के भुगतान की रिकवरी होनी है। वैसे अभी तक 50 से अधिक शिक्षकों की रिकवरी नही हो पाई है।
अधिकारियों से मिलीभगत की होगी जांच
करनैलगंज के प्राथमिक विद्यालय दूदी में प्रधानाध्यापक के पद पर तैनात फर्जी शिक्षक के सबंध कई शिक्षकों और अधिकारियों से थी। यहां तक अभी हाल ही में गैर जनपद तबादले में मानक पूरी न होने पर भी उसकी फाइल लिए जाने की खासी चर्चा है। इसमें एक अधिकारी की भूमिका चर्चा में है और अब एसटीएफ के पास मामला होने से इसकी भी जांच होगी। बताया जा रहा है कि शिक्षक को सरकारी बजट निकालने का मौका भी मिला, जबकि एसटीएफ ने मई माह मे ही दे दिया था। इसके बाद भी कार्रवाई करने में दो महीने से अधिक का वक्त लगा।
मिलीभगत करने वाली पर भी होगी कार्रवाई
फर्जी अभिलेख पर नौकरी लेने के मामले की जानकारी एसटीएफ ने मई माह में दी थी। प्रक्रिया पूरी करने के बाद शिक्षक को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। जानकारी होने के बाद भी यदि कोई मिलीभगत किसी ने की है तो उसके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. इन्द्रजीत प्रजापति, बीएसए