गोंडा। जुआरियों को पकड़ने के बहाने नगर कोतवाली पुलिस ने कटहामाफी घोसियाना में गांव वालों पर कहर ढाया। आरोप है कि पुलिस के पहुंचने पर जुआरियों से कहासुनी हो गई। इसके बाद जुआरी भाग गए। पुलिस वालों ने इस पर तांडव शुरू कर दिया। लोगों के घरों में घुसकर पुलिस ने तांडव किया। लोग समझ ही नहीं पाए कि पुलिस क्या कर रही है।
कोई कुछ पूछताछ करे तो उसकी पिटाई करने लगे। खेत से लौट रहे आशिक अली को तो सादी वर्दी में गई पुलिस ने इस कदर पीटा कि उसकी आंख पर गंभीर चोट आई है। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन आंख में काफी चोट होने के कारण उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया। यही नहीं थाने में तहरीर देने गए तो पुलिस के लोगों ने भगा दिया। इससे खफा गांव के लोगों ने प्रदर्शन किया।
शहर पुलिस बेलगाम हो गई है, यह बात शासन तक तो पहुंच गई है। इसके बाद भी पुलिस नहीं सुधर रही है। रविवार को तो शहर पुलिस ने सारी हदें पार कर दी। पुलिस की मानें तो वह जुआरियों को पकड़ने गई थी और कोई बात नहीं है। लेकिन गांव में लोग पुलिस की हरकत से सहमे हुए हैं। आशिक अली तो अपनी एक आंख को खोने की चिंता में फफक-फफक कर रो रहा था। उसने कहा कि दौड़ा दौड़ा कर पुलिस के लोगों ने उसे पीटा और वह कटीले तारों पर गिर गया। तो पीटते रहे और आंख में तार के कांटे घुस गए।
उसने कोतवाली में तहरीर देने की कोशिश की तो उसे फिर धमकी मिली। जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने भी इलाज के दौरान कहा कि आंख की हालत गंभीर है, लखनऊ रेफर किया गया है। युवक को लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। पुलिस की हरकत से खफा गांव के लोगों ने प्रदर्शन कर पुलिस का विरोध जताया। वहीं गांव के अन्य लोगों और महिलाओं ने कहा कि पुलिस ने हर घर में तोड़फोड़ की है और महिलाओं, बच्चों तक को पीटा है।
अपने आप गिर गया युवक
पुलिस जुआरियों को पकड़ने गई थी। वहां पर कहासुनी हो गई। जुआरियों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया जिससे भगदड़ मच गई और एक युवक कटीले तार पर गिर गया जिससे उसे चोट आई गई है। मारा नहीं गया है।
- महेंद्र कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक
पुलिस का तांडव शर्मनाक, दोषियों पर कार्रवाई हो
कोतवाली नगर के घोसियाना कटहामाफी में रविवार को पुलिस के तांडव पर बसपा नेता समाजसेवी मसूद आलम खान ने आक्रोश जताया। कहा कि जुआरियों को पुलिस पकड़े और विधिक कार्रवाई करे ये ठीक है, लेकिन जिस तरह का तांडव किया गया है वह बड़ा सवाल है। पुलिस की ओर से कार्रवाई की सूचना के बाद गांव पहुंचे मसूद आलम खान ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने जुआरियों से झड़प के बाद जिस तरह से आम लोगों के घरों में घुस कर तांडव किया है वह बेहद निंदनीय और शर्मनाक है। यहां महिलाओं ने उन्हें बताया कि पुलिस ने कोई घर नहीं छोड़ा जहा तोड़फोड़ न की हो। पुलिस की बर्बरता से एक युवक की आंख में गंभीर चोट आई है जिसे लखनऊ रेफर किया गया है। महिलाओं ने बताया कि दोपहर पुलिस की चार से पांच गाड़ियां आई और महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों तक को नहीं छोड़ा। घर के दरवाजे सामान सब तहस नहस कर दिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस कार्रवाई करे।