गोंडा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिला महिला अस्पताल में इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब (आईपीएचएल) की स्थापना की जाएगी। जिसमें एक ही छत के नीचे 137 प्रकार की जांचों की सुविधा मिलेगी। लैब बनने से हर महीने करीब 10 हजार मरीजों को बाहर से महंगी जांच नहीं करानी पड़ेगी। शासन से 1.39 करोड़ रुपये का बजट जारी होने के बाद लैब बनाने की तैयारी तेज हो गई है।
मेडिकल कॉलेज के क्षेत्रीय निदान केंद्र में मरीजों को महज कुछ ही जांचों की सुविधा मिल पा रही है। वहीं, महिला अस्पताल में प्रसवपूर्व सामान्य जांच होती है। दोनों अस्पतालों में हर रोज औसतन 2,000 मरीज उपचार कराने आते हैं। जिसमें 300 मरीजों को माइक्रोबॉयोलॉजी से जुड़ी जांचें करानी होती हैं। लेकिन सरकारी अस्पतालों में सुविधा न होने के कारण इन्हें निजी लैब में जांच करानी पड़ती है।
अब शासन की ओर से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिले को इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब (आईपीएचएल) की सौगात दी गई है। जिसके तहत एक करोड़ एक लाख रुपये की मशीनें स्थापित होंगी और 38 लाख रुपये निर्माण पर खर्च आएगा। लैब तैयार होने से माइक्रोबायोलॉजी, बैक्टीरियोलॉजी, इम्यूनोलॉजी, पैरासिटोलॉजी से संबंधित 137 प्रकार की जांचे होंगी। जिसमें डेंगू, चिकनगुनिया, स्क्रबटाइफस, मलेरिया, एक्यूट इंसेफ्लाटिस सिंड्रोम, कालाजार, डायरिया, टीबी समेत संचारी रोगों से जुड़ी जरूरी जांचें और कैंसर, हृदय रोग, मधुमेह, गुर्दा, मोतियाबिंद, अल्जाइमर, आईडीएसपी, आरटीपीसीआर आदि गैर संचारी रोगों की भी जांचें प्रमुख रूप से होंगी।
चौथे तल पर बनेगा लैब
आईपीएचएल की स्थापना के लिए महिला अस्पताल के चतुर्थ तल का चयन किया गया है। 4,000 वर्ग फुट स्थान पर अत्याधुनिक लैब तैयार किया जाएगा। माइक्रोबायोलाॅजिस्ट के अलावा जरूरी स्टाफ की तैनाती की जाएगी। एनएचएम के जिला कार्यक्रम अधिकारी अमरनाथ ने बताया कि लैब बनाए जाने का कार्य जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा।
छह महीने से धूल फांक रही हेल्थ एटीएम मशीन
जिला महिला अस्पताल में अप्रैल महीने में सांसद निधि से हेल्थ एटीएम मशीन की स्थापना की गई थी। लेकिन अभी तक उस मशीन को इंस्टाॅल नहीं कराया गया है। जिससे मरीजों को 76 प्रकार की जांचों की सुविधा नहीं मिल पा रही है। अस्पताल की सीएमएस डॉ. रक्षारानी चतुर्वेदी ने बताया कि अभी हाल ही में उन्होंने कार्यभार ग्रहण किया है। जल्द ही हेल्थ एटीएम मशीन इंस्टाॅल कराई जाएगी।