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बोर्ड परीक्षा में 102 केंद्रों के व्यवस्थापक हटाए गए

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गोंडा। बोर्ड परीक्षा में बलिया कांड के बाद पूरे प्रदेश में हुई फजीहत को नियंत्रित करने के लिए नए फैसले हो रहे हैं। रविवार को माध्यमिक शिक्षा विभाग में नया फरमान आ गया है, जिससे परीक्षा के दौरान दिक्कत हो सकती है। परीक्षा केंद्र बनाए गए 102 वित्त विहीन इंटर कॉलेजों के केंद्र व्यवस्थापकों को हटाया गया है। उनके स्थान पर उन्हीं केंद्रों पर अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक के रूप में ड्यूटी कर रहे सरकारी व सहायता प्राप्त स्कूलों के शिक्षकों को केंद्र व्यवस्थापक बना दिया है। परीक्षा में वित्त विहीन कॉलेजों के प्रधानाचार्यों की ओर से असहयोग करने की आशंका बढ़ गई है। जिले में डीआईओएस राकेश कुमार ने वित्तविहीन स्कूलों के संगठनों से वार्ता करके पूरे मनोयोग से परीक्षा कराने की बात कही है।
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जिले के 143 परीक्षा केंद्रों पर बोर्ड परीक्षा हो रही है। बलिया कांड के बाद पहले सभी केंद्रों की व्यवस्था की जांच हुई। अंग्रेजी विषय के प्रश्नपत्रों के पैकेट्स को कलेक्ट्रेट में मंगाकर जांच किया गया है। ऐसा इसलिए हुआ क्यों कि बलिया में कोई भी पैकेट संदिग्ध न होने का दावा, वहां के प्रशासन ने किया था। इससे लगातार पूरे जिले के केंद्रों की जांच हो रही है। स्ट्रांग रूम खंगाले गए और सीसीटीवी की निगरानी में स्ट्रांग रूमों को रखा गया है।
स्ट्रांग रूम तक जाने पर पूरी रिपोर्ट तैयार होगी और वह उच्चाधिकारियों तक जाएगी। रविवार को अचानक 102 वित्त विहीन परीक्षा केंद्रों के प्रधानाचार्यों को केंद्र व्यवस्थापक से हटा दिया गया है। उनके स्थान पर उन्हीं केंद्रों पर अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक रहे शिक्षकों को केंद्र की कमान सौंप दी गई है। उन केंद्रों के शिक्षकों में अंसतोष हो गया है। वित्त विहीन के प्रधानाचार्यों का कहना है कि परीक्षा में वह पूरी ईमानदारी से करा रहे हैं। इसके बाद भी अविश्वास करना उचित नहीं है। वहीं डीआईओएस ने सभी केंद्रों को परीक्षा पूरे नियमों के साथ कराने को कहा है। शनिवार को डीएम ने केंद्रों के व्यवस्थापकों के साथ बैठक करके बोर्ड परीक्षा पूरी सतर्कता से कराने के निर्देश दिए हैं।
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