गोंडा। प्रधान बनने के लिए गांव में खींचतान शुरू हो गई है । चुनाव लड़ने वाले संभावित प्रत्याशियों का गांव में संपर्क अभियान तेज हो गया है। अभी कौन गांव किस श्रेणी में आरक्षित होगा यह मंगलवार की शाम तक तय हो जाएगा।
चुनाव लड़ने वालों की सांसे श्रेणी आरक्षण को लेकर अटकी हुई है। प्रधान हर कोई बनना चाहता है पर आरक्षण को लेकर सबकी जान अटक गई है। पता नहीं किस गांव में कौन सी श्रेणी का आरक्षण आएगा।
आजकल हर गांव में पक्ष विपक्ष के खेमे में बटता दिखाई दे रहा है। कहीं जात, पात के नाम पर गोलबंदी हो रही है। कहीं मारपीट कहीं चुनाव को लेकर दूसरों के कान भरने के कारण पुराने रिश्ते खराब हो रहे हैं। कुर्सी पाने के लिए दावेदार मतदाताओं को रिझाने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं।
पार्टी दावते खूब हो रही हैं कहीं आवास, राशन कार्ड, जॉब कार्ड, पेंशन, शौचालय, खड़ंजा, नाली बनाने का लालच भी दिया जा रहा है। बस इनका मकसद है कि प्रधान की कुर्सी किसी तरह से हासिल कर ली जाए गांव की फिजा में प्रधानी की कुर्सी को लेकर रोचकता बढ़ती जा रही है। हर कोई बेसब्री से चुनाव के तारीख व आरक्षण के ऐलान का इंतजार कर रहा है गांव की गलियों चौराहों पर बैनर पोस्टर भरे पड़े हैं।