गोंडा। पंचायत चुनाव में परचम लहराने के बाद भाजपा अब जिले में विधान सभा चुनाव की बिसात बिछाने की कवायद में जुट गयी है। इसके लिए संगठन से लेकर सत्ता में बैठे विधायक व सांसद तक समाज के वंचित लोगों तक विकास व कल्याणकारी कार्यों का फायदा सौ दिनों में पहुंचाने की कवायद में जुट गए हैं।
इससे जिले के कई करोड़ के अधूरे प्रोजेक्टों को नयी संजीवनी मिलना भी तय माना जा रहा है। इसमें मेडिकल कालेज, इंजीनियरिंग कालेज, दो उपरिगामी सेतु, रिंग रोड, शहर में जल निकासी व्यवस्था, जर्जर विद्युत तारों का न बदला जाना सहित कई विधानसभा क्षेत्रों में बदहाल सड़कों के निर्माण से जुड़े कार्य शामिल हैं।
भाजपा से जुड़े जनप्रतिनिधि अब विधान सभा चुनाव से पहले इन परियोजनाओं के लिए पैरवी कर अधूरे पड़े इन प्रोजेक्टों के लिए बजट की व्यवस्था कराने में जुट गए हैं ताकि चुनाव के दौरान विकास का चेहरा लेकर जनता के बीच सिर ऊंचा कर जाया जा सके।
दो साल पहले गोंडा में मेडिकल कालेज स्वीकृत हुआ लेकिन इसका कार्य इतना धीमा है जिससे इसके निर्माण में कई साल लगेंगे। वर्ष 2015-16 में राजकीय इंजीनियरिंग कालेज अधूरा है।
इसका लाभ लोगों को नहीं मिला। करनैलगंज राजकीय कृषि महाविद्यालय व इटियाथोक में निर्माणाधीन राजकीय डिग्री कालेज, गौरा में राजकीय बालिका इंटर कालेज सहित कई प्रोजेक्ट हैं जो अधूरे हैं। इनमें कई परियोजनाओं को अभी तक पूरा बजट भी नहीं मिल सका है।
मिश्रौलिया गुमटी पर गोंडा-बहराइच मार्ग पर उपरिगामी सेतु के साथ गोंडा-उतरौला मार्ग पर तथा कचेहरी स्टेशन के पास गोंडा-कटरा मार्ग पर उपरिगामी सेतु को लेकर शासन से वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद भी कागजी औपचारिकता पूरी न हो पाने के कारण कार्य का शुभारंभ अटका हुआ है।
जिले में सात विधानसभा क्षेत्र हैं जिसमें भाजपा के ही विधायक हैं। कैसरगंज व गोंडा के सांसद भी भाजपा से हैं। 16 ब्लाक में से 15 में भाजपा का कब्जा है। जिला पंचायत अध्यक्ष भी भाजपा का निर्वाचित हुआ है।
इसके बावजूद जिले में पैरवी के अभाव में कई परियोजनाओं का कार्य पूरा नहीं हो सका है। अधूरे कार्य के लिए कई परियोजनाओं में बजट की दरकार है। विधानसभा चुनाव नजदीक है। सरकार के सामने 100 दिन में सभी परियोजनाओ को पूरा करने की चुनौती है। इससे निपटने को शीघ्र ही इन योजनाओं को पूरा कराने के लिए बजट मिल सकता है।