गोंडा। कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में विकास कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने लापरवाह कार्यदाई संस्थाओं पर कार्यवाई करने, बिजली का बिल भुगतान न करने आहरण-वितरण अधिकारियों को वेतन न दिए जाने की बात कही, तथा किसानों के गेहूं का मूल्य समय पर न भुगतान होने पर डिप्टी आरएमओ को प्रतिकूल प्रविष्टि दिया।
बैठक में डीएम ने विभिन्न जनकल्याणकारी व विकास कार्यक्रमों सहित स्वास्थ्य, शिक्षा, खाद्य एवं रसद, विद्युत, वन, दुग्ध, गन्ना, स्वरोजगार, श्रम, खादी, स्वच्छ भारत मिशन, जल निगम, कृषि, मत्स्य, उद्यान सहित अन्य विभागों की योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में डीएम ने लापरवाही बरतने वाले संस्थाओं के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है, तथा सख्त चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा का ध्यान रखें अन्यथा कार्यवाई के लिए तैयार रहें।
समीक्षा बैठक में डीएम ने कार्यदायी संस्था आरईडी का कार्य संतोषजन न मिलने पर ब्लैक लिस्ट करने तथा यूपीसिडको के धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद कार्य पूर्ण न कराने पर परियोजना प्रबंधक के विरूद्ध कार्यवाही के लिए एमडी यूपीसिडको को पत्र लिखने के आदेश दिए हैं।
किसानों का गेहूं मूल्य भुगतान समय से न करने पर डिप्टी आरएमओ को प्रतिकूल प्रविष्टि देने तथा कार्यदायी संस्था सी एंड डीएस को जनपद में ब्लैक लिस्ट करने के आदेश दिए हैं।
निर्माण कार्यों की समीक्षा में 50 लाख से अधिक लागत की सड़क परियोजनाओं में लोक निर्माण विभाग खंड एक के स्तर पर 15, लोक निर्माण विभाग खण्ड दो के स्तर पर 26, आरईडी के स्तर पर एक तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 26 कार्य अनारम्भ मिलने पर डीएम ने सख्त नाराजगी व्यक्त की है।
बैठक में डीएम ने आदेश दिए कि सभी आहरण-वितरण अधिकारी अपने-अपने विभागों से भुगतान हेतु ट्रेजरी भेजे जाने वाले बिलों के साथ इस आशय का प्रमाण पत्र संलग्न करेंगे कि उनके विभाग का कोई भी विद्युत शेष नहीं है।
गन्ना विभाग की समीक्षा में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बजाज चीनी मिल कुन्दरखी के खिलाफ आरसी जारी करने तथा मिल प्रबंधन के खिलाफ कार्यवाई के लिए शासन को पत्र भेजने के निर्देश दिए हैं। विभिन्न पोर्टलों पर लम्बित आवेदनों की समीक्षा में निर्देश दिए कि लंबित सभी आवेदनों को एक सप्ताह के अन्दर निस्तारित किया जाए। उद्योग विभाग की समीक्षा में डीएम ने निर्देश दिए कि लक्ष्य के सापेक्ष आवेदन प्राप्त कर बैंकों से समन्वय बनाकर लाभार्थियों को उद्यम स्थापना हेतु ऋण उपलब्ध कराया जाय।