पैड़ीबरा में प्रवाचक राजन महाराज को सम्मानित करते पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह व उपस्थित श्रद्
कटरा बाजार/दुबहा बाजार। कौड़िया के पैड़ीबरा स्थित सम्मय माता मंदिर परिसर में आयोजित कथा में प्रवाचक राजन जी महाराज ने कहा कि भगवान राम ने संकट में भी अपना धैर्य नहीं खोया। यह हमें सिखाता है कि कठिन समय का भी धैर्य के साथ सामना करना चाहिए। राजा दशरथ द्वारा राज्याभिषेक की घोषणा के बाद मंथरा के बहकावे में आकर कैकेयी ने दो वरदान मांगे। राम को जब वनवास की सूचना मिली, तो उनके चेहरे पर जरा भी दुख नहीं था। उनके लिए पिता की आज्ञा और माता कैकेयी की इच्छा सबसे ऊपर थी।
राम-केवट संवाद सुनाते हुए प्रवाचक ने कहा कि भगवान के नाव मांगने पर केवट अनूठी शर्त रख देता है। वह असल में भगवान के चरण धोना चाहता था लेकिन उसने डर का बहाना बनाया। अगर इंसान के अंदर भगवान का साथ पाने की सच्ची लगन हो, तो वह भी केवट जैसी भक्ति से उन्हें प्राप्त कर सकता है।
उन्होंने कहा कि इंसान को रोने की आदत पड़ जाए, तो वह स्वर्ग मिलने के बाद भी रोता ही रहेगा। यदि किसी का खुश रहने का स्वभाव बन जाए, तो वह अभाव में भी सुख खोज लेता है। इस मौके पर कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम मिश्र, अयोध्या के महापौर गिरीश त्रिपाठी, विधायक प्रेम नरायन पांडेय व प्रभात वर्मा, एमएलसी अवधेश कुमार उर्फ मंजू सिंह, सरिता तिवारी, सुमित भूषण, संजीव सिंह सहित हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे।
पैड़ीबरा में प्रवाचक राजन महाराज को सम्मानित करते पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह व उपस्थित श्रद्