गोंडा। शहर में जाम से निपटने की तमाम कवायद बेअसर साबित हो रही हैं। गुरुनानक चौक से गुड्डूमल तिराहा तक जाम की समस्या से छुटकारा दिलवाने के लिए क्षेत्र को नो-वेंडिंग जोन घोषित किया गया था। इसके बावजूद पटरी पर ठेले-खोमचे वालों का कब्जे व सड़क पर वाहनों की बेतरतीब पार्किंग के कारण लोगों को आए दिन जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी महिला अस्पताल जाने वाली सड़क पर जाम के कारण मरीजों व तीमारदारों को उठाना पड़ती है।
गुड्डूमल तिराहे पर यातायात कर्मियों की ड्यूटी होने के बावजूद उचित प्रबंधन न होने के कारण शनिवार को भी लोग घंटों जाम की परेशानी से जूझते दिखे। सबसे ज्यादा परेशानी सरकुलर रोड पर हो रही है। अयोध्या से बहराइच या बलरामपुर जाने वाले वाहन भी इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं। बीच में स्थित बड़गांव पुलिस चौकी चौराहे पर चारों ओर से यातायात का दबाव रहता है, जिससे यहां अक्सर जाम लग जाता है।
इसके साथ ही बस स्टेशन से होकर जानकी नगर को जाने वाली सड़क पर भी हमेशा लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। इस परेशानी से छुटकारा दिलवाने के लिए कई बार बस स्टेशन को शहर से बाहर ले जाने की योजना भी बनी, लेकिन धरातल पर इसे नहीं उतारा जा सका। सिटी मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा का कहना है कि जाम की समस्या के स्थाई समाधान को लेकर रणनीति तैयार की जा रही है। जल्द ही सब कुछ सही हो जाएगा।
अतिक्रमण को लेकर हो ठोस पहल
क्षेत्रीय निवासी सोनू दूबे का कहना है कि अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग के कारण जाम की समस्या आए दिन परेशान करती है। यदि अतिक्रमण हटाने के साथ ट्रैफिक प्रबंधन की ठोस व्यवस्था की जाए तो शहरवासियों को इस परेशानी से छुटकारा मिल सकता है। पंकज तिवारी का कहना है कि यातायात प्रबंधन को लेकर पुलिस, नगर पालिका व यातायात पुलिस को मिलकर संयुक्त प्रयास करना चाहिए।