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Gonda News: जलस्तर घटने के साथ कटान तेज

Mon, 24 Aug 2026 12:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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गोंडा में बाढ़ के हालात बयां करतीं तस्वीरें। संवाद
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करनैलगंज। सरयू नदी के जलस्तर में लगातार गिरावट के बावजूद रविवार को मैदानी इलाकों में कटान तेज रही। कई स्थानों पर फसल लगे खेतों की जमीन कटकर नदी में समाती रही। ग्राम बेहटा, पारा, परसावल और मांझा रायपुर के सामने नदी तेजी से कटान कर रही है। वहीं, बहुवन मदार मांझा के पास बचाव के उपायों का असर दिखा और कटान कम रही।
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केंद्रीय जल आयोग के अनुसार रविवार सुबह आठ बजे एल्गिन ब्रिज पर सरयू का जलस्तर घटकर 106.090 मीटर पहुंच गया, जो खतरे के निशान से दो सेंटीमीटर ऊपर है। सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि मामूली कटान हो रही है। बांध से नदी दूर होने से खतरा नहीं है। रविवार सुबह 2,86,657 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया।
उमरी बेगमगंज संवाद के अनुसार, सरयू का जलस्तर घटने के बाद तेज कटान से फसलों को ज्यादा नुकसान हो रहा है। ऐली परसौली व गढ़ी क्षेत्र में ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। 500 बीघे से अधिक कृषि भूमि नदी में समा चुकी है। गढ़ी में कई आशियाने कटान की जद में है। ग्राम प्रशासक लल्लू कुमार ने बताया कि कई परिवार बेघर होने की कगार पर हैं। एसडीएम प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि पीड़ितों को जल्द सहायता मिलेगी। विश्नोहरपुर संवाद के अनुसार, नवाबगंज के माझा क्षेत्र में बाढ़ का पानी घटने के बावजूद दुश्वारियां कम नहीं हो रही हैं। पशुओं के चारे का संकट गहरा गया है और डूबी फसलें सड़ने लगी हैं। दत्तनगर व साकीपुर में लगातार चार वर्ष से कटान पीड़ित परिवारों को मुआवजा नहीं मिला है। जलभराव के कारण लोग मवेशियों संग पलायन कर रहे हैं। दत्तनगर से ढेमवा चौकी जाने वाला वैकल्पिक मार्ग भी कट रहा है।
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दुर्जनपुर घाट संवाद के अनुसार, टेढ़ी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से किनारे बसे गांवों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। खेतों में पानी पहुंचने से गेड़सर, चिलमपुर, शुक्लनपुरवा, मटखना व दुर्जनपुर घाट समेत कई गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। गन्ना, धान व उड़द की फसलें डूब गई हैं।
किसान प्रवेश मिश्र, बद्री प्रसाद पांडेय, राकेश व रामपाल यादव ने बताया कि लंबे समय तक फसल डूबी रहने से बर्बाद हो जाएगी। उन्होंने प्रशासन से सर्वे कराकर राहत की मांग की है। वहीं, जलभराव से मलेरिया, डेंगू जैसी बीमारियों और जहरीले जीवों का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस वर्ष अब तक बाढ़ राहत केंद्र नहीं बनाए गए हैं। पशुओं को दवाएं भी नहीं दी गई हैं।

गोंडा में बाढ़ के हालात बयां करतीं तस्वीरें। संवाद

गोंडा में बाढ़ के हालात बयां करतीं तस्वीरें। संवाद

गोंडा में बाढ़ के हालात बयां करतीं तस्वीरें। संवाद

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