महराजगंज तराई/ललिया (बलरामपुर)। राप्ती नदी का जलस्तर घटने के बाद कटान तेज हो गई है। नदी का जलस्तर रविवार शाम चार बजे 102.870 मीटर रिकॉर्ड किया गया जो चेतावनी बिंदु से 75 सेंटीमीटर नीचे है। सदर तहसील के गंगाबक्श भागड़ गांव में कटान के चलते ग्रामीणों का आशियाना उजड़ रहा है। वहीं कल्यानपुर, लालपुर फगुइया, जबदहा, जबदही व बेला गांव के पास कटान से खेत तेजी से नदी में समाहित हो रहे हैं। गन्ने के साथ धान और मक्के की फसल भी राप्ती नदी में समाहित हो रही है।
सदर तहसील गंगाबक्श भागड़ निवासी सियाराम यादव ने बताया कि कटान के भय से लोग अपना आशियाना उजाड़ रहे हैं। श्याम बहादुर का पक्का मकान कटान के चलते राप्ती नदी में समाहित हो चुका है। अंतू व पतिराज का प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बना पक्का मकान और तुलसीराम का कच्चा मकान भी कटान की भेंट चढ़ चुका है। छोटेलाल ने बताया कि करीब एक दर्जन लोगों का घर राप्ती की कटान में कट चुका है। अब जो घर बचे हैं उनपर कटान का खतरा मंडरा रहा है।
जबदहा गांव के प्रधान प्रतिनिधि शांतिभूषण शुक्ल ने बताया कि कटान को लेकर ग्रामीणों में डर है। गन्ने के साथ धान व मक्के की फसल राप्ती नदी की भेंट चढ़ चुकी है। कल्यानपुर, लालपुर फगुइया, गोंसाईपुरवा व बेला गांव के पास कटान तेज है। प्रधान प्रतिनिधि उमेश यादव ने बताया कि बेला निवासी बड़ेलाल का 15 बीघे, पूजाराम का 10 बीघे, रामबरन का नौ बीघे, कुन्नू का 12 बीघे, मालिकराम का पांच बीघे, दिलाराम का पांच बीघे, चेतराम का छह बीघे, कल्लू का पांच बीघे व गूंठे का पांच बीघे खेत कटान के चलते नदी में समा चुका है। इनके खेतों में गन्ना, धान व मक्के की फसल लगी थी।
उतरौला व तुलसीपुर में भी कटान
उतरौला व तुलसीपुर तहसील के गांवों में भी राप्ती नदी कटान कर रही है। तुलसीपुर तहसील के ग्राम महरी, मलदा, मिश्रौलिया व साखीरेत और उतरौला तहसील के ग्राम चिचुड़ी सहंगिया, टेढ़वा तप्पाबांक, बारम, नंदौरी, मस्जिदिया, मलमलिया, परसौना, महुआधनी, मटियरिया कर्मा, बायभीट, मझारी बाछिल, मनियरिया, कपौवा, शेरपुर व अल्ली बुजुर्ग में बाढ़ के बाद राप्ती का जलस्तर घटने से कटान तेज हो गया है।
की जा रही निगरानी
तीनों तहसीलों में 23 क्लस्टर बनाए गए हैं, जिनसे राप्ती नदी के बाढ़ व कटान की निगरानी कराई जा रही है। सदर तहसील में 13, तुलसीपुर में चार व उतरौला में छह क्लस्टर सक्रिय कर दिए गए हैं। हर क्लस्टर में नोडल अधिकारियों के नेतृत्व में टीम तैनात की गई है। नोडल अधिकारियों की टीम बाढ़ के दौरान प्रभावितों को सभी प्रकार की मदद भी मुहैया कराएगी।
-प्रदीप कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व