शाम पांच बजे के बाद मोबाइल नाट रीचबल या स्विचडऑफ करने वाले अभियंता सस्पेंड होंगे। मुख्य अभियंता के कार्यालय में बने कंट्रोल रूम से इन पर निगरानी रखी जाएगी। जिले में 20 बिजली घरों के साथ ही अवर अभियंताओं की एक लंबी चौड़ी फौज है।
जिसमें फुल फ्लैश चार्ज वाले अवर अभियंता ही नहीं बल्कि एक दर्जन ऐसे प्रभारी अभियंता भी शामिल हैं, जो टीजी टू (टेक्निीशियन ग्रेड टू) की अर्हता रखते हैं। जिन्हें प्रभारी जेई बनाकर बिजली घरों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन अभियंताओं में से ज्यादातर अभियंता क्षेत्र में जाने के बजाए पूरे दिन केवल बिजली दफ्तर के ही चक्कर काटा करते है।
जबकि शाम के पांच बजते ही सीयूजी मोबाइल नाट रीचबल और स्विचडऑफ कर लेते हैं। इससे उपभोक्ता व पावर कॉरपोरेशन के अन्य अधिकारी उनसे संपर्क नहीं कर पाते। कभी-कभी तो लाइन फाल्ट और टूट कर गिरे तारों की सूचना भी लोग क्षेत्रीय अवर अभियंताओं को फोन पर देना चाहते हैं, लेकिन वह भी उनके मोबाइल बंद रखने से उन तक नहीं पहुंच पाती और हादसा हो जाता है।
इन्हीं सब समस्याओं को देखते हुए मुख्य अभियंता ने दफ्तर में संचालित बिजली कंट्रोल रूम से ऐसे अभियंताओं पर नजर रखे जाने के लिए सभी अभियंताओं की एक सूची तैयार करवाकर कंट्रोल रूम में तैनात लोगों से एक-एक का नंबर हर घंटे में चेक किए जाने का निर्देश दिया है। जिसका काम मंगलवार से शुरू भी हो गया है। प्रत्येक घंटे ऐसे अभियंताओं के नंबर पर फोन करके उनकी लोकेशन ली जा रही है।