गोंडा। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। लोगों को प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाए रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके लिए स्वास्थ्य कर्मियों के साथ ही अन्य विभाग के कर्मियों को भी प्रेरित किया जा रहा है। कमजोर प्रतिरोधक शक्ति वाले लोगों में आसानी से हो सकती है। इससे ग्रस्त होने की संभावना तब और बढ़ जाती है, जब शरीर पहले से ही किसी अन्य संक्रमण जनित रोग से जूझ रहा हो। ऐसे में लोगों को सतर्कता बरतने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
जो लोग मधुमेह, टीबी, हृदय रोग या अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं, उन्हें संक्रमण होने का खतरा अधिक होता है। ऐसे में जरूरी है कि प्रतिरोधक शक्ति मजबूत रखें और कोई भी परेशानी महसूस होने पर चिकित्सक से संपर्क करें। बीते दिनों कोरोना संक्रमण रोकने के लिए अभियान चलाकर सैंपल लिए गए और जांच कराई गई। जिसमें 2.12 लाख लोगों की जांच अब तक हो चुकी है और इसमें 5021 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 4908 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। मौजूदा समय में सिर्फ 46 मरीज ही सक्रिय हैं।
कोरोना संक्रमण से 67 लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना संक्रमण किसी को भी हो सकता है पर कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले व्यक्तियों, नवजात शिशुओं, बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, मधुमेह, हृदय रोग अथवा अन्य किसी गंभीर बीमारी टीबी, एचआईवी/एड्स से ग्रसित व्यक्तियों में इस समय कोरोना संक्रमण होने की संभावना ज्यादा है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. देवराज चौधरी के अनुसार, बुखार और कंपकंपी, सांस लेने में कठिनाई, सांस फूलना या तेज होना, खांसी, सर्दी और जुकाम कोरोना से संक्रमित होने के खास लक्षण हैं। ऐसा होने पर चिकित्सक से संपर्क करें और इलाज कराएं। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. देवराज चौधरी ने बताया कोरोना संक्रमण हो जाने पर शुरुआती स्टेज में शरीर में पनप रहे संक्रमण को एंटीबायोटिक दवाओं के द्वारा इस रोग को फैलने से रोका जा सकता है।
स्वच्छता और पोषण से बचाव संभव
डिप्टी सीएमओ डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि कोरोना का संक्रमण हो जाने पर उसका इलाज घरेलू उपायों से नहीं हो सकता है। लेकिन कोई रोग हो जाने पर उसका इलाज करवाने से अच्छा है कि रोग को शरीर में पनपने ही न दें। संक्रमण होने का मुख्य कारण स्वच्छता और असावधानी के अभाव में फैला संक्रमण है, इसलिए अपने आसपास स्वच्छता बनाये रख कर संक्रमित होने से बचें। दूषित पानी और उससे बने भोजन से बचें, भोजन की गुणवत्ता और रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने के लिए विटामिन-सी युक्त आहार लें और पर्याप्त पानी पीयें। खुद को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए मास्क और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें। दो गज की शारीरिक दूरी का ध्यान रखें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।