वजीरगंज/नवाबगंज। आंधी-बारिश के सातवें दिन सोमवार को भी मोहनपुर, उमरिया और रघुराजनगर विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े 165 गांवों में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी। बिजली गुल रहने से पेयजल संकट गहरा गया है। मोबाइल फोन चार्ज करना मुश्किल हो रहा है और लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
मोहनपुर उपकेंद्र क्षेत्र में रविवार शाम 33 केवी लाइन से उपकेंद्र तक आपूर्ति पहुंच गई थी लेकिन 11 केवी लाइनों का मरम्मत कार्य अधूरा होने के कारण गांवों और मजरों में बिजली नहीं दी जा सकी। विभागीय कर्मचारी टूटे खंभों को बदलने, तार खींचने व अन्य तकनीकी कार्यों में जुटे हैं। कई स्थानों पर ग्रामीण भी अपने संसाधनों से टूटे खंभों को पहुंचाने और मरम्मत कार्य में सहयोग कर रहे हैं। इसके बावजूद आपूर्ति बहाल होने की गति अपेक्षित नहीं है।
बानेपुर गांव, जहां मोहनपुर उपकेंद्र स्थित है, वहां के कई मजरों में भी सोमवार शाम तक बिजली नहीं पहुंच सकी। नवाबगंज क्षेत्र में भी हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं। आंधी के दौरान गिरे पेड़ों की वजह से 11 हजार और 33 हजार केवी की कई लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई थीं, जबकि दर्जनों बिजली पोल टूट गए थे। प्रभावित क्षेत्रों में मोहनपुर के करीब 80, उमरिया के 50 और रघुराजनगर के 35 गांव शामिल हैं।
एसडीओ पीयूष सिंह ने बताया कि कई गांवों में विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई है। शेष क्षेत्रों में भी युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। क्षतिग्रस्त पोल व लाइनों को दुरुस्त कर जल्द सभी प्रभावित गांवों में बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।