गोंडा। मेडिकल कॉलेज, महिला अस्पताल व सीएमओ कार्यालय की स्पेशल लाइन की बिजली 13 घंटे गुल रही। 30 दिनों में आठवीं बार फाॅल्ट आ चुका है। वहीं शहर से लेकर करीब 100 गांवों के दो लाख लोग बिजली संकट से जूझ रहे हैं।
मंगलवार रात 2:30 बजे मेडिकल कॉलेज की बिजली गुल हो गई, जेनरेटर चलाकर जरूरी सेवाएं बहाल की गईं लेकिन सभी विभागों के एसी नहीं चल सके। सीएमओ कार्यालय में बुधवार सुबह 11 बजे तक अंधेरा छाया रहा। यहां मोबाइल की रोशनी में लिपिक व कंट्रोल रूम के कर्मचारी काम करते दिखाई दिए। महिला अस्पताल में भी 13 घंटे जेनरेटर के जरिए स्वास्थ्य सेवाएं दी गईं। दोपहर 3:20 पर आपूर्ति शुरू हुई।
शहर के बड़गांव, आवास विकास कॉलोनॉ, जानकीनगर, सिविल लाइंस में बिजली न आने से पेयजल संकट गहराया। सिविल लाइंस उपकेंद्र के अवर अभियंता विशाल चौरसिया ने बताया कि केबल जलने से बिजली बाधित हुई है।