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Gonda News: आजादी के 77 वर्ष बाद बुटहनी वनटांगिया गांव पहुंची बिजली

Thu, 05 Dec 2024 11:28 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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गोंडा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर पिछड़े और अति पिछड़े समुदायों को मुख्यधारा में जोड़ने की कड़ी में एक और बड़ी सफलता मिली है। आजादी के 77 साल बाद जिले के बुटहनी वनटांगिया गांव में पहली बार बिजली पहुंची है। यह गांव अब दूधिया रोशनी से जगमगा रहा है, जिससे यहां के लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है।
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जिला मुख्यालय से 50 किलोमीटर दूर स्थित छपिया ब्लॉक का बुटहनी वनटांगिया गांव विकास की मुख्यधारा से कटा हुआ था। आजादी से पहले अंग्रेजों द्वारा जंगलों में बसाए गए इस समुदाय को लंबे समय तक अधिकारों व मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया। पांच वर्ष के लिए एक जगह पर बसाने के बाद इन्हें विस्थापित कर दिया जाता था। घास-फूस के मकानों में रहने वाले इन लोगों को जीवनयापन के लिए जलौनी लकड़ी पर निर्भर रहना पड़ता था।
2018 में गोंडा में एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन वनटांगिया गांवों को राजस्व ग्राम घोषित कर विकास की नींव रखी। इस पहल के तहत वनटांगिया समुदाय को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घर, जमीन का मालिकाना हक, पेयजल और रोजगार के अवसर प्रदान किए गए। इन योजनाओं ने पहली बार वनटांगिया समुदाय को स्थिरता व अधिकार दिलाए।
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पहल को आगे बढ़ाते हुए डीएम नेहा शर्मा ने वनटांगिया समुदाय को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए। इसी कड़ी में अब छपिया के बुटहनी वनटांगिया गांव को बिजली से रोशन किया गया है। इस गांव के घरों में पहली बार बिजली पहुंची है। गांव में अंधेरे का युग समाप्त हुआ और एक नए बदलाव की शुरुआत की गई है। डीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि हर समुदाय को लोक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले। बुटहनी गांव में बिजली पहुंचने से ग्रामीणों के जीवन में बदलाव आएगा।
...अब हमारी जिंदगी में हुआ उजाला
बुटहनी गांव में पहली बार बल्ब की रोशनी देख ग्रामीणों का चेहरा खिल गया। गुलाब स्वयं सहायता समूह की संचालिका मीना ने कहा, पहले अंधेरे में घर से निकलने में डर लगता था। अब हमारी जिंदगी में उजाला हुआ है। सुरक्षा भी महसूस हो रही है। गांव के बुजुर्ग नंदलाल (60) कहते हैं कि हमने अपना पूरा जीवन अंधेरे में बिताया, लेकिन अब हमारी अगली पीढ़ी को रोशनी और विकास देखने का अवसर मिला है।
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