गोंडा। शहर की स्पेशल लाइन में तकनीकी फाल्ट आने से शुक्रवार को गोंडा मेडिकल कॉलेज, जिला महिला अस्पताल व सीएमओ दफ्तर की बिजली करीब साढ़े 12 घंटे तक गुल रही। अस्पतालों में तो जेनरेटर से लाइट व पंखे चलते रहे। लेकिन सीएमओ कार्यालय पूरी तरह अंधेरे में डूबा रहा। इस दौरान कामकाज बाधित रहा।
महाराजा देवीबख्श सिंह मेडिकल कॉलेज, महिला अस्पताल समेत कुछ विशेष स्थानों पर स्पेशल लाइन से 24 घंटे निर्बाध रूप से बिजली आपूर्ति की जाती है। शुक्रवार भोर साढ़े चार बजे स्पेशल लाइन की आपूर्ति बाधित हो गई जो शाम पांच बजे बहाल हो सकी। इस दौरान डॉक्टर, मरीज व तीमारदार गर्मी से बेहाल रहे। मेडिकल कॉलेज में भर्ती करीब 300 मरीजों सहित 1500 से अधिक लोगों व स्टाफ को परेशानी का सामना करना पड़ा। भीषण गर्मी के कारण पर्चा काउंटर व दवा वितरण काउंटर के बाहर लगी कतारों से लोग निकलकर घर जाने लगे। वहीं, जिला महिला अस्पताल में सैकड़ों मरीज परेशान रहीं। हालांकि जेनरेटर चलाकर पंखा चलाया जा रहा था, लेकिन पंखे की हवा मरीजों के बेड तक नहीं पहुंच पा रही थी।
मेडिकल कॉलेज में लगे उच्च क्षमता के डीजल जेनरेटर से सीएमओ कार्यालय को भी बिजली सप्लाई दी जाती है। इसके चलते बिजली आपूर्ति बाधित होने पर भी सीएमओ कार्यालय में जेनरेटर से लाइट जलती थी, लेकिन सप्ताह भर पहले आपसी विवाद के चलते मेडिकल कॉलेज के जेनरेटर से सीएमओ कार्यालय का कनेक्शन काट दिया गया। इससे शुक्रवार को पूरे दिन सीएमओ कार्यालय में अंधेरा छाया रहा। स्वास्थ्यकर्मी भीषण गर्मी से बेहाल रहे। कामकाज भी प्रभावित रहा।
अधिशासी अभियंता राधेश्याम भास्कर ने बताया कि स्पेशल लाइन का तार जेल रोड के पास दो जगह टूटने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित रही। फाल्ट खोजने में समय लग गया। देर शाम तक विद्युत आपूर्ति फिर से शुरू हो गई।