गोंडा। जिले में भीषण गर्मी के चलते बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है। स्थिति यह है कि अप्रैल में ही बिजली की खपत ने पिछले वर्ष जून का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बीते साल अप्रैल में 275 और जून में 285 मेगावाट बिजली की मांग दर्ज की गई थी, जबकि इस बार अप्रैल में ही यह आंकड़ा बढ़कर 290 मेगावाट पहुंच गया है।
तापमान में वृद्धि के चलते इन दिनों एसी, कूलर और अन्य विद्युत उपकरणों का उपयोग बढ़ गया है। गैस की किल्लत के कारण खाना बनाने के लिए भी लोग इलेक्ट्रिक उपकरणों का अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके अलावा गन्ने की फसल की सिंचाई के लिए किसान बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक मोटरों का उपयोग कर रहे हैं। हालांकि, किसानों का कहना है कि उन्हें पर्याप्त वोल्टेज नहीं मिल रहा है। ऐसे में मोटर चलाने में दिक्कत हो रही है। डीजल और पेट्रोल की कमी के कारण पंपिंग सेट भी प्रभावित हो रहे हैं, जिससे सिंचाई व्यवस्था पर असर पड़ रहा है।
अधिशासी अभियंता मनोज चौरसिया के अनुसार आने वाले दिनों में बिजली की मांग 330 मेगावाट तक पहुंचने की संभावना है। उन्होंने उपभोक्ताओं से शाम छह बजे से रात 11 बजे तक पीक ऑवर में बिजली का संयमित उपयोग करने की अपील की है।
देवीपाटन जोन के मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में अप्रैल में बिजली की मांग में सात से आठ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। बढ़ती मांग को देखते हुए आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। कंट्रोल रूम के माध्यम से शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं।