भीषण गर्मी और 24 घंटे आपूर्ति के चलते 25 प्रतिशत बढ़ी खपत देवीपाटन मंडल में बिजली व्यवस्था को लेकर सतर्कता शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
गोंडा।
भीषण गर्मी के चलते तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के चलते विद्युत आपूर्ति की मांग बढ़ गई है। वहीं, प्रदेश के साथ ही देवीपाटन जोन में भी लगभग 25 प्रतिशत अधिक विद्युत खपत हो रही है। ऐसे में गर्मी बढ़ने के साथ ही आपूर्ति को लेकर दिक्कतें हो सकती हैं। इसके लिए पावर कॉरपोरेशन ने सतर्कता शुरू कर दी है।
अधिकारियों ने बताया कि गोंडा जनपद में रोजाना लगभग 200 मेगावाट की विद्युत आपूर्ति हो रही थी। मगर भीषण गर्मी व शेड्यूल में बदलाव के चलते अब 250 मेगावाट बिजली खपत हो रही है। जबकि देवीपाटन जोन के गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती और बलरामपुर में लगभग 600 मेगावाट बिजली खपत हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह खपत सामान्य से लगभग 25 प्रतिशत अधिक है। आगामी दिनों में तापमान लगभग 45 डिग्री सेल्सियस जा सकता है। इससे विद्युत आपूर्ति की मांग और बढ़ेगी। ऐसे में बिजली संकट से निकलने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। करीब एक सप्ताह तक विशेष सतर्कता बरती जाएगी।
अधिकारियों का मानना है कि भीषण गर्मी के चलते अब तक के सारे रिकॉर्ड टूट सकते हैं। करीब सात सौ मेगावाट की खपत दर्ज हो सकती है। इससे उपभोक्ताओं की समस्याएं बढ़ेंगी। अगर मौसम में नरमी नहीं आई तो ट्रांसफाॅर्मर फुंकने समेत बचाव के अन्य सभी इंतजाम किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि गत वर्ष में सितंबर माह की तरह ही इस बार जिले में मई में गर्मी पड़ रही है। जिसके चलते विद्युत आपूर्ति की मांग बढ़ती जा रही है।
ट्रांसफार्मर फुंकने से बचाने के लिए उपाय के निर्देश
देवीपाटन जोन मुख्य अभियंता दीपक अग्रवाल ने बताया कि भीषण गर्मी के चलते 25 प्रतिशत तक विद्युत आपूर्ति की मांग बढ़ी है। वहीं गोंडा समेत जिले के लिए 45 डिग्री सेल्सियस तक तामपान जा सकता है। गर्मी के चलते ट्रांसफाॅर्मर का तापमान 72 से 73 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। करीब 75 डिग्री सेल्सियस से अधिक होने पर ट्रांसफार्मर डैमेज होने का खतरा रहता है। ऐसे में गर्मी बढ़ने के साथ ही ट्रांसफार्मर की सुरक्षा के लिए कूलर लगाने समेत अन्य कई इंतजाम के निर्देश दिए गए हैं।