तीन दिन तक बिजली बिल घोटाले की जांच करने के बाद पावर कॉरपोरेशन की ऑडिट व विजलेंस टीम मंगलवार देर रात लखनऊ लौट गई। बताया जाता है कि टीम की जांच रिपोर्ट कॉरपोरेशन प्रबंधन को सौंप जाने के बाद मामले में आरोपी बाबू के खिलाफ एफआईआर व गिरफ्तारी की कार्रवाई किसी भी समय की जा सकती है। वहीं, जिले में बिजली बिल घोटाले का खुलासा होने पर मुख्य अभियंता हर्ष मुंशी ने एक ही सीट पर वर्षों से जमे बाबुओं के साथ ही जेई व एसडीओ को हटाने के निर्देश देते हुए सबकी फाइल तलब की है।
पावर कॉरपोरेशन की मलाईदार कुर्सी पर बैठे अधिकारी व कर्मचारी कभी विभाग तो कभी उपभोक्ताओं को चूना लगाते आ रहे हैं। विजलेंस व ऑडिट टीम की जांच में इसका सच उजागर होने के बाद अब पावर कॉरपोरेशन ऐसे लोगों से सख्ती से निपटने की तैयारी में जुटा है। सूत्रों की मानें तो मंगलवार देर रात यहां से रवाना होने के बाद विजलेंस टीम ने बुधवार को पूरी रिपोर्ट पावर कॉरपोरेशन के शीर्ष अधिकारियों को सौंप दी है। जिसके बाद मामले में आरोपी बाबू सहित एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ पावर कॉरपोरेशन की तरफ से एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए दिए जा चुके हैं। साथ ही बिलिंग घोटाले में शामिल रहे अन्य लोगों से भी सख्ती से निपटने के निर्देश मुख्य अभियंता हर्ष मुंशी को दिए गए हैं।
मुख्य अभियंता हर्ष मुंशी ने बताया कि विजलेंस व ऑडिट टीम जांच पूरी करके मंगलवार देर रात जा चुकी हैं। प्रकरण में उच्चाधिकारियों से जो भी आदेश मिलेगा, उसका पालन कराया जाएगा। कहा कि, एक ही सीट पर जमे बाबुओं, जेई व एसडीओ को हटाने के लिए सभी की फाइलें मंगाई हैं।
स्पेशल ऑडिट में कइयों की गर्दन फंसने के आसार
पांच महीने में पांच लाख रुपये से ऊपर के हुए घोटाले का खुलासा होने के बाद पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन ने जिले में ऑनलाइन बिलिंग चालू होने के तीन वर्षों की स्पेशल ऑडिट कराने का फैसला लिया है। हालांकि ये अभी तय नहीं हो सका है कि स्पेशल ऑडिट किस-किस अवधि का होगा। हालांकि सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ऑडिट के लिए अलग से चार्टर्ड अकाउंटेंट को बुलाया गया है। अगर ऐसा होता है तो इस ऑडिट में कईयों की गर्दन फंसने के आसार हैं। जिसे लेकर विभागीय बाबुओं से लेकर अधिकारी तक सकते में हैं।