गोंडा। उमस भरी गर्मी में बढ़ती मांग से शहरी व ग्रामीण इलाकों में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह लड़खड़ा गई है। इसके चलते ही भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती के कारण दस से बारह घंटे तक की बिजली गुल रहने से सभी हलकान हैं। दावे के इतर ग्रामीण इलाकों में 18 की जगह मात्र छह से दस घंटे ही बिजली सप्लाई हो पा रही है। इस दौरान भी बढ़ती फाल्ट, फूंकते ट्रांसफार्मर व लो वोल्टेज भी सभी का पसीना छुड़ा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को पूर्व घोषित शेड्यूल के अनुसार 18 घंटे विद्युत आपूर्ति करने के निर्देश हैं। हालांकि, इस समय छह से सात घंटे ही आपूर्ति हो रही है। महोली, नेरी, पिसावां व काजी कमालपुर विद्युत उपकेंद्रों के गांवों के लाखों उपभोक्ता बिजली की आंख मिचौली से परेशान हैं। इसके चलते ही सोमवार की रात 11 बजे गई बिजली सारी रात गुल रहने के बाद मंगलवार की सुबह आई। जिले में बिजली संकट गहराता जा रहा है। भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती से उपभोक्ता पूरी तरह त्रस्त हैं। सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीण इलाकों में हो रही है। बीते दस दिनों से लगातार जारी अघोषित बिजली कटौती से छोटे-बड़े सभी परेशानहाल हैं। परेशान लोगों का कहना है कि उन्हें बमुश्किल छह से आठ घंटे तक ही बिजली मिल पा रही है।
भीषण गर्मी व उमस में दस से बारह घंटे हो रही बिजली कटौती से उपभोक्ताओं के पसीने छूट रहे हैं। रोस्टर के हिसाब से शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा किया जाता है। इसके इतर ग्रामीण क्षेत्रों में मात्र छह से सात घंटा ही बिजली सप्लाई मिल पा रही है। विभागीय अधिकारियों की माने तो गर्मी में लोड बढ़ने, तार टूटने व लो वोल्टेज को आपातकालीन कटौती का कारण बन रही है।
छह घंटा ही मिल रही बिजली
इटियाथोक क्षेत्र में लोगों को बमुश्किल छह से सात घंटा ही बिजली की आपूर्ति मिल पा रही है। उपभोक्ता रात भर भीषण गर्मी में रात काटने को मजबूर हैं तो वहीं अवर अभियंता 131 केवी से आपूर्ति न मिलने का बहाना बताकर चुप्पी साधे हैं। मसकनवां में मेनलाइन में फॉल्ट होने, फीडरों में तकनीकी खराबी तथा जर्जर तारों के टूटने से मुश्किल से छह से सात घंटे ही बिजली मिल पा रही। इसमें भी लो-वोल्टेज की समस्या बनी रहती है। अवर अभियंता अमित कुमार पटेल ने बताया कि उपकेंद्र छपिया व बगदर फीडर काफी पुराना है। ज्यादातर ट्रांसफार्मर पुराने कम क्षमता वाले तथा जर्जर है। जिससे लोड बढ़ने से तार टूटने के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित हो रही है। इसी तरह उमरी बेगमगंज में शुक्लागंज से आपूर्ति दी जाती है, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते भारी कटौती की जा रही है।
व्यापारियों से लेकर किसानों तक में रोष
बिजली कटौती की परेशानी से त्रस्त उपभोक्ताओं में गहरा रोष व्याप्त है। इसके चलते व्यापारी वर्ग से लेकर किसानों तक को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। व्यवसायिक कनेक्शन धारक सुभाष नगर के छोटू ने बताया कि बिजली कटौती से सहालग के दौर में कोई काम नहीं हो पा रहा है। आदमपुर के अशोक सिंह, उमरी बेगमगंज के सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि बिजली कटौती से फसलों की सिंचाई में दिक्कत हो रही है नलकूप का संचालन नहीं हो पा रहा है। परसपुर में भारी कटौती को लेकर उपभोक्ताओं में आक्रोश है।
गर्मी बढ़ने के कारण बिजली की मांग बढ़ी है। लाइन में फाल्ट आने से आपातकालीन कटौती की जा रही है। गांवों में 18 व शहरों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति किए जाने का निर्देश का अनुपालन कराने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। रणवीर सिंह, अधिशासी अभियंता