मोतीगंज। खोरहंसा उपकेंद्र क्षेत्र के चकसड़ बरईपुरवा गांव में शनिवार रात करंट की चपेट में आने से 26 वर्षीय प्रदीप की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि कई दिनों से झुका बिजली का खंभा पेड़ के सहारे टिका था और एलटी लाइन के संपर्क में आने से पेड़ में करंट उतर आया था। इसकी शिकायत कई बार बिजली विभाग से की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उधर, बिजली विभाग ने लापरवाही से इन्कार करते हुए मौत के कारणों की जांच की बात कही है।
गांव निवासी संजय कुमार सोनकर ने बताया कि उनके छोटे भाई प्रदीप सोनकर शनिवार रात करीब साढ़े आठ बजे गन्ने का खेत देखने निकले थे। घर से कुछ दूरी पर पेड़ के पास पहुंचते ही वह करंट की चपेट में आकर गिर पड़े। पिता उदयराज ने भोजन के लिए फोन किया तो कोई जवाब नहीं मिला। तलाश करने पर परिजन उन्हें अचेत अवस्था में पेड़ के पास पड़े मिले। उन्हें तत्काल गोंडा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पुलिस को दिए बिना परिजनों ने अयोध्या में अंतिम संस्कार कर दिया।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शिवम तिवारी ने बताया कि गांव में झुके खंभे और जर्जर तारों की शिकायत कई बार बिजली विभाग से की गई थी। एक जून को ग्रामीणों ने खोरहंसा विद्युत उपकेंद्र का घेराव भी किया था, लेकिन समस्या जस की तस रही। उन्होंने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
मोतीगंज इंस्पेक्टर यशवंत सिंह ने बताया कि घटना की सूचना पुलिस को नहीं दी गई। अवर अभियंता विशाल चौरसिया ने बताया कि मौके पर एलटी लाइन टूटी नहीं मिली। प्रथमदृष्टया ई-रिक्शा चार्ज करते समय तार के संपर्क में आने से युवक की मौत होने की बात सामने आई है। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि बारिश के कारण खंभा झुककर पेड़ पर टिक गया है और उसे जल्द ठीक कराया जाएगा। वहीं, प्रदीप के भाई संजय ने विभाग के दावे को गलत बताते हुए कहा कि ई-रिक्शा घर के अंदर सुरक्षित स्थान पर चार्ज होता था। अधीक्षण अभियंता सुशील कुमार ने कहा कि शिकायत मिलने पर मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।