गोरखपुर रेल रूट पर गुरुवार को बिजली की ओवरहेड लाइन से होने वाला हादसा की-मैन की सूझबूझ से टल गया। स्पॉर्किंग से ओवरहेड हाईटेंशन लाइन का तार और राड टूटकर ट्रैक पर गिर गए। इससे रेल ट्रैक पर आग लग गई। इसकी सूचाना की-मैन ने रेलवे को दी। जिससे अधिकारियों ने तत्काल रेल गाड़ियों का आवागमन रुकवाकर फाल्ट को दुरुस्त कराया।
इस बीच करीब 45 मिनट तक दो ट्रेनों का आवागमन प्रभावित रहा। गोंडा-गोरखपुर रेलरूट से होकर जाने वाली हाईटेंशन लाइन किलोमीटर संख्या 615 पर अचानक दो तारों के बीच हुई स्पॉर्किंग से टूट गया। तार के साथ एक राड ट्रैक पर आ गिरी, जिससे आग लग गई।
ट्रैक पर आग लगी देख इसकी सूचना सुबह 5:35 बजे ट्रैक की निगरानी में लगे की-मैन मुकेश कुमार व एक ग्रामीण ने तत्काल रेलवे को दी। सहायक स्टेशन मास्टर रमेश शाह ने बताया कि जिस समय उन्हें सूचना मिली, ठीक उसी समय चार नंबर रेल लाइन पर गोंडा-गोरखपुर पैसेंजर ट्रेन व लाइन नंबर तीन पर 11211 एक्सप्रेस ट्रेन आ रही थी।
इसलिए आनन-फानन में इसका मैसेज कंट्रोल को फारवर्ड किया गया। जिसके बाद कंट्रोल के आदेश पर गोंडा-गोरखपुर पैसेंजर ट्रेन को पीछे कर उसे लाइन नंबर तीन से पास कराया गया। इस बीच करीब 45 मिनट तक गोरखपुर रूट पर ट्रेनों का आवागमन बाधित रहा।