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नाम वापसी के बाद मिले चुनाव चिन्ह, चुनावी घमासन तेज

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गोंडा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में नाम वापसी के साथ दावेदारों की स्थिति साफ हो गई है। जिले में 50 से अधिक क्षेत्र पंचायत सदस्यों का निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है। वहीं एक दर्जन प्रधान पदों पर एकल प्रत्याशी होने के कारण निर्विरोध निर्वाचन भी होगा।
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पंचायत सदस्यों के पांच हजार से अधिक पदों पर कोई दावेदार ही नही मिल सका है। इसके अलावा हजारों सदस्य निर्विरोध हो चुके हैं। पंचायत राज विभाग अभी निर्विरोध पदों के बारे में स्पष्ट जानकारी सोमवार को ही जारी कर सकेगा।
ब्लाकों से डाटा मंगाया जा रहा है, वहीं पंचायत चुनाव के दावेदारों को चुनाव चिन्ह मिल गया है। चुनाव चिन्ह मिलने के बाद दावेदार अपने क्षेत्र में जुट गए हैं और घर- घर दस्तक देना शुरू कर दिया है।
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पंचायत चुनाव में 1205 प्रधान पदों के साथ ही क्षेत्र पंचायत सदस्य के 1614 पदों और ग्राम पंचायत सदस्यों के 15410 पदों के लिए और 65 जिला पंचायत सदस्यों के पदों पर घमासान शुरू हो गया है। 27 हजार के करीब दावेदार मैदान में डटे हैं।
चुनाव चिन्ह मिलते ही गावों में लोग डट गए और प्रचार में जुट गए। सबसे अधिक शोर प्रधान पदों का गावों में है, इसके अलावा जिला पंचायत सदस्य पदों की धूम है। वजीरगंज ब्लाक में प्रधान पद के 190, बीडीसी सदस्य पद के 66 तथा ग्राम पंचायत सदस्य पद के 23 लोगों ने अपने पर्चे वापस लिये।
वहीं पांच प्रत्याशी क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए। मुजेहना ब्लाक क्षेत्र में 62 ग्राम प्रधानों के लिए 623 उम्मीदवारों में से 123 के पर्चे वापस लेने बाद 500 प्रत्याशी प्रधान के लिए मैदान में हैं।
इसी तरह 104 क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए 761 नामांकित उम्मीदवारों में 31 के अपने पर्चे वापस लेने के बाद 730 सदस्य अपने जोर आजमाइश कर रहे है। इसी तरह हर ब्लाक में नाम वापसी के तय समय के बाद चुनाव चिन्हों का आवंटन हो गया है। इसके बाद चुनाव चिन्ह लेकर दावेदार मैदान में डट गए हैं।
नवाबगंज ब्लाक में क्षेत्र पंचायत सदस्य के पदों पर बड़े पैमाने पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ है। एक साथ 42 क्षेत्र पंचायत सदस्यों के पदों पर एकल प्रत्याशी होने से निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है।
इसके अलावा प्रधान के कई पदों पर रोचक मुकाबला है। पंचायत की सियासत में नवाबगंज ब्लाक का अपनी अहम भूमिका रहती है। इतनी बड़ी संख्या में निर्विरोध निर्वाचन होने से कई तरह की चर्चाएं हो रही है।
जिला पंचायत की ओर से बकायेदारों की सूची ऐन वक्त पर जारी होने से हंगामा खडा हो गया। झंझरी में इसी बकायेदारी पर कईयों की दावेदारी निरस्त हो गई। झंझरी में सेवानिवृत्त एडीओ पंचायत राम प्रताप शुक्ल ने खुद व बेटे के नाम से बीडीसी के लिए नामांकन किया था।
लेकिन 9 अप्रैल को जिला पंचायत की ओर से जारी बकायेदारी की सूची में दोनो का नाम अचानक आ गया और दोनो के पर्चे निरस्त हो गए। श्री शुक्ल ने डीएम समेत उच्चाधिकारियों से शिकायत की है।
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