जिले में डेंगू से होने वाली मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार की रात जिले में डेंगू से एक अधेड़ की मौत हो गई, वहीं, छह लोग डेंगू की चपेट में हैं, जो अलग-अलग अस्पतालों में अपना इलाज करा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य निदेशालय ने महामारी के रूप में फैली डेंगू जैसी बीमारी से निपटने के लिए पूरे सूबे में अलर्ट जारी किया है, जिसके साथ ही स्वास्थ्यकर्मियों की छुट्टियां भी रद कर दी गई हैं।
सिविल लाइन के अफीमकोठी मोहल्ले में रहने वाले गिरीश कुमार श्रीवास्तव (55) बीते कई दिनों से बीमार चल रहे थे। परिवारीजन इनका उपचार कराने के लिए इन्हें बीते शुक्रवार को लखनऊ लेकर गए। जहां जांच में गिरीश कुमार को डेंगू होना पाया गया। आनन-फानन में परिवार वालों ने उन्हें लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराकर उपचार शुरू कराया। लेकिन शनिवार की रात उन्होंने दम तोड़ दिया।
उधर, पावर कॉरपोरेशन के सेकेंड्रीवर्क्स में तैनात जूनियर इंजीनियर रत्नेश गुप्ता का बेटा भी डेंगू से पीड़ित चल रहा है। जिसे घर वालों ने शेखर हॉस्पिटल लखनऊ ले जाकर भर्ती कराया है। इसके अलावा जिले में पांच लोग डेंगू की चपेट में हैं, जो अलग-अलग अस्पतालों में अपना उपचार करा रहे हैं।
उधर, स्वास्थ्य महकमे ने डेंगू बुखार के हालातों पर काबू पाने के लिए सूबेभर के स्वास्थ्यकर्मियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद कर दी हैं। एक आदेश में महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुनील श्रीवास्तव ने सूबे के सभी 75 जिलों में तैनात सीएमएस, सीएमओ व चिकित्साधिकारियों को सभी कर्मियों की छुट्टियां रद करते हुए डेंगू के प्रभावी रोकथाम के निर्देश दिए हैं। जिसकी एक प्रति मंडलों पर तैनात अपर निदेशक को भी दी गई है। जिसमें सभी से किन्हीं विशेष परिस्थितियों में ही उच्चाधिकारियों के आदेश पर छुट्टी जारी करने के लिए निर्देशित किया गया है।