तहसील दिवस सरकार की प्राथमिकता का कार्यक्रम है तथा इसका आयोजन जनता को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से किया जाता है। इसलिए तहसील दिवस में प्राप्त शिकायतों को सभी अधिकारी गंभीरता से लें। यह निर्देश डीएम अजय कुमार उपाध्याय ने मंगलवार को करनैलगंज में आयोजित तहसील दिवस के मौके पर फरियादियों की समस्याएं सुनने के दौरान दिए।
जिलाधिकारी ने तहसील दिवस से बिना सूचना के अनुपस्थित आठ अधिकारियों पीडी, सहायक निबंधक स्टांप, डीपीआरओ, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, जिला सेवायोजन अधिकारी, चकबंदी बंदोबस्त अधिकारी व उपनिदेशक रेशम का एक दिन का वेतन काटने के आदेश दिए हैं।
डीएम ने बताया कि प्रदेश में तहसील दिवस में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में जनपद गोंडा को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।
इसके लिए उन्होंने सभी अधिकारियों की प्रशंसा की, परंतु ज्यादातर शिकायतों का निस्तारण समय सीमा में न किए जाने पर नाराजगी भी व्यक्त की।
समीक्षा के दौरान ज्ञात हुआ कि विगत वर्ष 2015 में जनपद गोंडा की चार तहसीलों में तहसील दिवस के दौरान कुल 19024 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए।
इसमें सत्रह हजार सात सौ सैंतीस शिकायतों का निस्तारण समय सीमा के बाद किया गया। इस पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त शिकायतों का निस्तारण समय सीमा में किया जाना प्रत्येक दशा में सुनिश्चित किया जाए।
तहसील दिवस में रामबरन यादव निवासी हीरापुर कमियार ने कर्नलगंज गन्ना समिति के कर्मचारी ओम प्रकाश यादव पर सुविधा शुल्क लेकर गन्ना पर्ची देने का आरोप लगाया। जिस पर डीएम ने जिला गन्ना अधिकारी पीएन सिंह को जांच कर कार्यवाही करने का आदेश दिया है।
करनैलगंज सदर बाजार निवासी साबिरा ने अपने पुत्रों असलम व शरीफ द्वारा मारने-पीटने की शिकायत की। इस पर एसपी ने प्रभारी निरीक्षक कोतवाली करनैलगंज को तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
तहसील दिवस में कुल 82 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से तीन शिकायतों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। शेष शिकायतों के निस्तारण के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को समय से निस्तारित करने के निर्देश दिए गए।