अस्पताल में इलाज के लिए कतार में खड़ी महिलाएं।
गोंडा। मेडिकल कॉलेज में आठ माह से स्त्री रोग विभाग का संचालन हो रहा है। पांच स्त्री रोग विशेषज्ञ व पांच जूनियर डॉक्टरों की तैनाती है लेकिन अभी तक यहां पर न तो एक प्रसव हुआ और न ही किसी महिला का सिजेरियन कराया गया। महिलाओं को सिर्फ परामर्श का डोज देकर इलाज की खानापूर्ति हो रही है।
मेडिकल कॉलेज में स्त्रीरोग विशेषज्ञ की तैनाती करीब डेढ़ वर्ष से है, लेकिन आधिकारिक रूप से छह नवंबर 2024 को स्त्री रोग विभाग का शुभारंभ किया गया। डॉ. महीकीर्ति सिसौदिया को विभागाध्यक्ष बनाया गया। डॉ. ज्योति यादव को असिस्टेंट प्रोफेसर, महिला अस्पताल में वर्षों तक रिकाॅर्ड सीजर करने वाली डॉ. सुवर्णा कुमार, डॉ.उम्मे खटीजा व डॉ. जेबा को सीनियर रेजीडेंट के तौर पर तैनात किया गया। सहयोग के लिए पांच जूनियर रेजीडेंट भी लगाए गए, लेकिन अभी तक प्रसव की शुरुआत नहीं हो सकी।
सिर्फ ओपीडी तक ही सीमित है विशेषज्ञों की सेवा
मेडिकल कॉलेज के सभी स्त्री रोग विशेषज्ञों को सफल ऑपरेशन करने का लंबा अनुभव है। स्टॉफ व संसाधनों की कमी के कारण महिला रोग विशेषज्ञों की सेवा सिर्फ ओपीडी तक ही सीमित है। महिलाएं आती हैं और ओपीडी में दिखाकर चली जाती हैं। सर्जरी के लिए उन्हें महिला अस्पताल जाने की सलाह दी जाती है। प्रसव कराने वाली महिलाओं को निराशा हाथ लगती है।
जल्द शुरू होंगे ऑपरेशन
-ऑपरेशन शुरू किए जाने की कवायद तेज कर दी गई है। नई ओटी के हैंडओवर होने व स्टॉफ की तैनाती के बाद प्रसव व ऑपरेशन शुरू कर दिया जाएगा।
डॉ. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज, गोंडा