गोंडा। कोरोना संकट से परिषदीय स्कूलों में छात्रों को बुलाने पर रोक लगी तो गांवों में क्लास सजने लगी है। जिले में करीब पांच हजार प्रेरणा साथी एक लाख से अधिक बच्चों को उनके घरों पर शिक्षा दे रहे हैं।
झंझरी ब्लाक के कपूरपुर गांव में कारागार के सेवानिवृत्त सहायक पर्यवेक्षक मंशाराम बच्चों की क्लास घर लगा रहे हैं तो स्नातक की छात्रा ज्योति मिश्रा भी प्रेरणा साथी बनकर शिक्षा की अलख जगा रही हैं।
कंपोजिट स्कूल कपूरपुर के जूनियर हाईस्कूल की शिक्षिका न्यूमी लगातार बच्चों को शिक्षित करने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि समाज के अच्छे लोग बच्चों की शिक्षा के लिए गंभीर हैं, इससे महानिदेशक बेसिक शिक्षा की पहल आगे बढ़ रही है।
कोरोना संकट से सबसे अधिक प्रभावित बच्चों की शिक्षा हुई थी। बेसिक शिक्षा ने प्रेरणा साथी बनाकर बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की पहल किया, जो बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं। अब एक लाख से अधिक बच्चे आनलाइन, मोहल्ला क्लास व प्रेरणा साथियों की क्लास से जुड़ चुके हैं।
इसी कड़ी में झंझरी के जूनियर हाईस्कूल कपूरपुर की शिक्षिका न्यूमी गुप्ता ने शिक्षा की नई पहल शुरू की है। गांव के संभ्रांत लोगों को जोड़कर बच्चों को शिक्षा दे रही हैं। गोडियनपुरवा में मंशाराम तो टैपरा गांव में ज्योति मिश्रा बच्चों को शिक्षित कर रही हैं।
ज्योति स्नातक तृतीय वर्ष की पढ़ाई भी रघुकुल महिला विद्यापीठ से कर रही हैं और बच्चों को भी पढ़ा रही है। शिक्षिका मोहल्ला क्लास से भी शिक्षा दे रही हैं। बीएसए विनय मोहन वन ने शिक्षकों की पहल को सराहा, कहा कि इससे बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं।